युवक को घर से उठाकर ले जाती पुलिस
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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस की हैरान कर देने वाली करतूत सामने आई है। घर से उठाकर युवक को तमंचा और कारतूस में गिरफ्तार कर जेल भेजने वाली हाईवे की बालाजीपुरम पुलिस अब फंसती दिख रही है। सीसीटीवी कैमरे में कैद युवक को घर से पकड़कर ले जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। युवक जमानत पर बाहर आ गया है, पर अब परिवार ने एसएसपी से गुहार लगाई है। एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ रिफाइनरी को सौंप दी है। वहीं परिवार ने कोर्ट की शरण लेते हुए दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
27 अगस्त की है घटना
27 अगस्त को थाना हाईवे के बालाजीपुरम चौकी प्रभारी दीपक तिवारी टीम के साथ गांव बिरजापुर में सुरजीत के घर पहुंचे। देर रात युवक को सोते समय उठाकर अपने साथ ले गए। परिजनों ने पूछा पर पुलिस ने साफ-साफ कुछ नहीं बताया। 28 अगस्त को सुरजीत को आनंदवन के पास से गिरफ्तार दिखाते हुए तमंचा और दो कारतूस में जेल भेज दिया गया। 31 अगस्त को सुरजीत को कोर्ट से जमानत मिल गई, जिसके बाद वह घर आ गया। इस बीच युवक के परिजनों ने फर्जी मुकदमे में सुरजीत को जेल भेजे जाने की एसएसपी अभिषेक यादव से शिकायत भी की। एसएसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ रिफाइनरी हर्षिता सिंह को सौंप दी है। सुरजीत के भाई धीरज ने बताया कि कोर्ट में 156/3 में दो दरोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का प्रार्थनापत्र दिया है। इसकी भनक लगते ही दरोगा बार-बार सुलहनामा का दबाव बना रहा है। फिलहाल उनका परिवार पुलिस कार्रवाई से दहशत में हैं।
फर्द में शामिल मुख्य आरक्षी था अवकाश पर
पुलिस ने युवक की गिरफ्तारी में जिन पुलिसकर्मियों को शामिल किया है, उनमें मुख्य आरक्षी संजीव कुमार का भी उल्लेख है। बताया जाता है कि मुख्य आरक्षी उस दिन अवकाश पर था। फिर भी गिरफ्तारी की फर्द में उसे शामिल किया गया। अब पुलिस अपने बचाव में जुट गई है।
मामले की हो रही जांच
एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी के संग गलत नहीं होने दिया जाएगा।