कक्षा पांच से लेकर प्रत्येक क्लास में टॉप रहने वाली श्रद्धा अग्रवाल पापा का ख्वाब पूरा करने के लिए विदेश चली गई है। उसका मुकाम तो देश की प्रतिष्ठित परीक्षा सिविल सेवा में भी टॉपर बनना है।
छोटे से कस्बा राया के रहने वाले मोहन नारायण स्वामी ने अपनी बड़ी बिटिया श्रद्धा अग्रवाल की शिक्षा के लिए सब कुछ दाव पर लगा दिया है। इस स्थिति में पापा के अरमानों को पूरा करने में श्रद्धा भी पीछे हटती नजर नहीं आ रही है।
शुरू से ही शिक्षा के क्षेत्र में टॉपर रहने वाली श्रद्धा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में बीटेक करने गई और यहां से गोल्ड मेडलिस्ट बनकर निकली। बीटेक कंप्यूटर साइंस में पांच गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किया था।