फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरी पहचान मेरी लाडलीः ससुराल से लौटी बेटी को मां के संबल ने दिलाई नई पहचान

Tue, 16 Jan 2018 04:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला वृंदावन (मथुरा)
विज्ञापन
अवनिका गौतम मां के साथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शादी के बाद खुशहाल विवाहित जीवन की आस लिए ससुराल पहुंची बेटी को सम्मान नहीं मिल पाया तो बेटी घर वापस लौट आई। ऐसे विषम समय में एक मां अपनी बेटी का सहारा बनीं। बेटी ने भी कुछ कर दिखाने की ठानी। आज वही बेटी दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी है। 
विज्ञापन


वृंदावन निवासी सामाजिक कार्यकर्ता डा. लक्ष्मी गौतम की बेटी अवनिका गौतम का विवाह फरवरी 2008 में हुआ था लेकिन अवनिका का वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं रहा। तब अवनिका ने न्यायिक सेवा के क्षेत्र में जाने का मन बनाया। 

अवनिका ने एमएससी केमिस्ट्री, एमफिल, एलएलएम की पढ़ाई आगरा कॉलेज से पूरी की। 2014 में झारखंड ज्यूडिशियल सर्विसेज की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर 9वां स्थान प्राप्त किया। 
विज्ञापन


आज अवनिका ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ऑफ झारखंड के तहत रांची में अतिरिक्त मुंशिफ न्यायाधीश का पद पर कार्यरत हैं। वहीं, अवनिका की आठ साल की बेटी वृंदारिका भी मां और नानी के दिखाए पद चिन्हों पर चल कर पढ़ाई के क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें