क्षेत्र के बिजौली गांव में महज 17 मिनट में शादी हो गई। न बैंडबाजा रहा, न बराती दिखे। अग्नि के सात फेरे भी नहीं हुए। सिर्फ मांग में सिंदूर भरा और युवक-युवती के दूजे के जीवनसाथी बन गए।
यह शादी बिजौली के कबीर पंथ के सत्संग पंडाल में गुरुवाणी के दौरान हुई। बाह के पुरा जसोल निवासी नीरज पुत्र सोहवत सिंह का अशोक नगर बिजौली की निशा पुत्री टीकाराम का दहेज रहित विवाह हुआ। सत्संग ने शादी में फिजूल खर्ची रोकने की मुहिम चला रखी है।
इसी मुहिम से प्रभावित होकर दोनों ने यहां आकर विवाह किया। इस दौरान करन दास, जीतू दास, ओम प्रकाश दास, अमर दास, राज कुमार दास, सोनू दास, राज कुमारी, रविंद्र दास आदि ने बताया कि दोनों परिवारों और वर वधू ने दहेज रहित और बगैर दिखावे की शादी करके समाज के लिए फिजूल खर्ची रोकने का संदेश दिया है। बताया कि महज 17 मिनट में सभी आडंबरों और कुरीतियों से दूर दहेज रहित शादी हुई।
शादी से प्रभावित होकर 200 परिवारों ने सामाजिक कुरीति के खात्मे के साथ ही अपने बेटे-बेटियों की दहेज रहित शादी करने का संकल्प पत्र भी भरा। वही यह अनोखी शादी सोमवार को दिनभर लोगों की जुबान पर रही।