धीरज ने सौरभ की हरकतों की शिकायत उसके परिजनों से की, लेकिन वह नहीं माना। सौरभ और उसके परिजन धीरज से रंजिश मानने लगे। बुधवार रात धीरज अपने चाचा विजय के साथ सो रहा था।
रात तकरीबन एक बजे विजय ने धीरज के चीखने की आवाज सुनीं। विजय ने जागकर बाहर आने का प्रयास किया, लेकिन कारखाने के दरवाजे की बाहर से कुंडी लगी थी। खिड़की से देखा। बाहर धीरज को सौरभ के पिता मनोज, अजय, छोटू, अनिल और पंकज पकड़े हुए थे।
उन्होंने धीरज पर मिट्टी का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया। विजय के शोर मचाने पर भाग गए। सूचना पर धीरज के परिजन पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
गुरुवार तड़के तकरीबन चार बजे धीरज की मौत हो गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा प्रवेश कुमार कहना है कि पहले युवक के आत्मदाह करने की सूचना मिली थी। अस्पताल में भी परिजनों ने यही बात कही थी। बाद में हत्या की तहरीर दी गई। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई है।
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