मैनपुरी। कचहरी रोड स्थित सतीश नर्सिंग होम व संचालक डा. अभिषेक गुप्ता के खिलाफ जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में 50 लाख रुपये का दावा दायर किया गया है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी के पथरी के ऑपरेशन के समय पित्त की नली काट दी गई, इससे उसकी मौत हो गई। आयोग ने दावा स्वीकार करते हुए सुनवाई की तिथि 17 अप्रैल नियत की है। इस दिन विपक्षी भी तलब किए हैं।प्रवीन कुमार निवासी ग्राम केलनपुर, कोतवाली का आरोप है कि 6 अगस्त 2024 को उनकी पत्नी पूनम के पेट में दर्द हुआ था। पूनम को सतीश नर्सिंग होम में दिखाने ले गए थे। डाॅ. अभिषेक गुप्ता ने 5 दिन की दवा दी। उसके बाद 11 अगस्त को को फिर से नर्सिंग होम में दिखाने गए तो डा. अभिषेक गुप्ता ने अल्ट्रासाउंड व अन्य चैकअप कराए। बताया कि पूनम के पित्त की थैली में पथरी है। दूरबीन ऑपरेशन की सलाह दी। 12 अगस्त को डा. अभिषेक गुप्ता ने दूरबीन ऑपरेशन करना शुरू किया। थोड़ी देर बाद डा. अभिषेक ने बताया कि दूरबीन ऑपरेशन कामयाब नहीं हो हो रहा है। चीरा वाला ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके बाद चीरा वाला ऑपरेशन कर दिया। 13 दिन तक भर्ती रखा। इसके बाद पत्नी को पेट में दर्द व उल्टी होती रहीं। फिर से डा. अभिषेक को दिखाया तो उन्होंने आगरा ले जाने की सलाह दी। आगरा में पूरी जांच हुई तो पता लगा कि ऑपरेशन के दौरान पित्त की नली कट गई है, जिसके कारण पस निकलना बंद नहीं हो रहा है। आगरा के बाद में वह जयपुर ले गए। वहां से वापस घर लाए। 18 अक्तूबर 2024 को पूनम की मृत्यु हो गई। आरोप है कि सतीश नर्सिंग होम के स्टाफ कर्मचारियों की लापरवाही और डा. अभिषेक गुप्ता द्वारा ऑपरेशन करने के दौरान पित्त की नली कट जाने के कारण पत्नी की मौत हुई है। इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली शहर में केस भी दर्ज कराया। प्रवीन कुमार ने दावा में यह भी लिखा है कि उसकी पत्नी आर्थिक सहयोग करती थी। बच्चों का पालन पोषण करती थी। पत्नी की असमय मृत्यु होने से उसका दांपत्य जीवन बर्बाद हो गया। आयोग के अध्यक्ष बृजभूषण पांडे एवं सदस्य नितिका दास द्वारा केस दर्ज कर लिया गया है।