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Agra News: समान पक्षी विहार से मेहमान परिंद तोड़ रहे दशकों पुराना नाता

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किशनी (मैनपुरी)। रामसर साइट में शामिल समान पक्षी विहार से मेहमान परिंदों ने दशकों पुराना नाता इस बार तोड़ लिया है। झील में पानी की कमी व अन्य समस्याओं के चलते अब तक प्रवासी पक्षियों ने अब तक यहां बसेरा नहीं किया है। अगर जल्द ही ध्यान न दिया गया तो मेहमान परिंदे यहां से हमेशा-हमेशा के लिए मुंह मोड़ लेंगे।
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जनवरी का प्रथम सप्ताह पूरा होने को है, लेकिन अब तक मेहमान परिंदों की दस्तक यहां नहीं हुई है। आसपास के क्षेत्र से कुछ प्रवासी पक्षी यहां जरूर आए हैं, लेकिन वे अब अपना नया ठिकाना बनाने की तलाश में हैं। हाल ये है कि पानी न होने से धीरे-धीरे झील का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। हर तरफ जलकुंभी और जलीय घास ही नजर आती है। यही कारण है कि विदेश पक्षियोें के लिए न तो आरामदायक प्रवास बचा है और न ही भेाजन। इसके चलते विदेशी पक्षियों ने इस बार दूरी बना ली है।
हर साल यहां जनवरी के प्रथम सप्ताह के विश्व के विभिन्न देशों से पक्षी उड़कर पहुंचते थे। इसमें ब्लैक हैडेड गूज, साइबेरियन क्रेन, पेंटिंग स्टार्क समेत विभिन्न प्रजातियों के पक्षी शामिल रहते थे। लेकिन इस बार झील में इन पक्षियों के कलरव का मनमोहक दृश्य ओझल है।
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मायूस होकर लौटते हैं सैलानी
समान पक्षी विहार को रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद पूरे विश्व में इसे पहचान मिली है। ऐसे में आगरा, लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पर्यटक समान पक्षी विहार भी पहुंचते हैं। लेकिन यहां विदेशी पक्षियों की अनुपस्थिति और बदहाली उन्हें मायूस कर देती है। नए साल पर भी यहां घूमने पहुंचे सैलानियों को विदेशी पक्षियों का दीदार नहीं हो सका था।

किसानों ने फिर से शुरू की खेती
समान पक्षी विहार लगभग 526 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। लेकिन झील के बीच में अभी भी किसानों से भूमि के अधिग्रहण का काम बाकी है। बीच में इस पर खेती बंद होने से पक्षियों के लिए राहत हो गई थी। लेकिन अब फिर से किसानों ने बड़े क्षेत्रफल में खेती शुरू कर दी है। इसके चलते फसलों में प्रयोग होने वाली कीटनाशक दवाओं से भी पक्षियों को नुमसान पहुंचता है।

नाला हुआ चोक, कैसे पहुंचे झील तक पानी
समान पक्षी विहार स्थित झील में पानी भरने के लिए कोई अपना स्रोत नहीं है। इसमें नहर से नाले के माध्यम से होता हुआ पानी पहुंचता है। वन क्षेत्राधिकारी संजय माथुर ने बताया कि गुलापुरा नाले से आने वाले पानी को रास्ते में किसान अपनी फसलों के लिए ले लेते हैं। नाला सफाई न होने से नाला सिल्ट से अटा पड़ा है। इसके कारण यहां पानी नहीं पहुंच रहा है।
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