भीषण ठंड और शीत लहर ने लोगों की मुश्किलों बढ़ा दी हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए कंपकंपाती ठंड मौत से कम नहीं है। नतीजा यह है कि अस्पतालों में मरीजों की लंबी लंबी लाइनें लग रही हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचे निमोनिया से पीड़ित मासूम ने दम तोड़ दिया। वहीं, अस्पताल में पहले से भर्ती एक महिला की भी मौत हो गई।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में सुबह से मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी में 533 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य के पास मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे मरीजों में निमोनिया और सर्दी जुकाम के बच्चों की संख्या अधिक रही।
फिरोजाबाद जिले के अटापुर निवासी साहिब सिंह का एक महीने का बेटा आशीष कुछ दिनों से अपनी मां के साथ थाना एलाऊ क्षेत्र के मेरापुर गांव में अपने रिश्तेदार राजेश के घर रह रहा था। यहां निमोनिया की दिक्कत होने पर परिजन उसका निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन शुक्रवार को उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं घिरोर थाना क्षेत्र के लखई गांव निवासी बालकराम की पत्नी आशा देवी (65) को पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। शुक्रवार को परिजन ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिला अस्पताल से निमोनिया से पीड़ित तीन बच्चों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। वहीं बच्चे को मृत अवस्था में लाया गया था।