मैनपुरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 मार्च तक सभी छुट्टा गोवंशों को गोशाला पहुंचाने के आदेश दिए थे। लेकिन जिले में मुख्यमंत्री के आदेश हवा हो गए। शहर से लेकर देहात तक छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं। ये गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हादसों का कारण भी बन रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। शहरी क्षेत्र में छुट्टा गोवंश सबसे बड़ी परेशानी बन गए हैं। शहर के चौराहों से लेकर बस्ती में छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं। नवीन मंडी और आगरा रोड पर सबसे अधिक छुट्टा गोवंश नजर आते हैं। अकेले नवीन मंडी और उसके आसपास ही एक सैकड़ा से अधिक गोवंश घूमते रहते हैं। इसके अलावा कस्बा घिरोर में भी छुट्टा गोवंश बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं।
अब मुख्यमंत्री योगी ने छुट्टा गोवंशों को संरक्षित न किए जाने पर नाराजगी जताई है। लेकिन इसके बाद भी अधिशासी अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। खुलेआम घूम रहे गोवंशों को संरक्षित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
दृश्य एक: तहसील परिसर घिरोर।
नगर पंचायत घिरोर में छुट्टा गोवंश लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। तहसील व स्वास्थ्य केंद्र के आसपास गोवंशों को झुंड मंगलवार को भी नजर आया। वहीं बाजार में मुख्य सड़क पर भी गोवंश लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
दृश्य दो: गीतापुरम कॉलोनी, मैनपुरी।
शहर के आगरा बाईपास रोड पर बसी गीतापुरम कॉलोनी छुट्टा गोवंशों का ठिकाना बनती जा रही है। दरअसल इसी कॉलोनी में पीछे की ओर नगर पालिका की गोशाला भी संचालित है। लोगों का कहना है कि आसपास के लोग यहां गोवंश लाकर छोड़ जाते हैं।
वर्जन
शहर व कस्बों में अभियान चलाकर छुट्टा गोवंशों को संरक्षित कराया गया था। लोगों से भी अपील है कि वे गोवंशों को न छोड़ें। जहां कहीं भी छुट्टा गोवंश मिलेंगे, उन्हें संरक्षित कराया जाएगा।
-रामजी मिश्र, एडीएम।