मैनपुरी। जिले में बुखार के मरीजों की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुखार से पीड़ित सात माह की एक बच्ची की जिला अस्पताल से रेफर करते समय मौत हो गई। ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में 422 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। मंगलवार को अवकाश के चलते 12 बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी का संचालन हुआ। जिला अस्पताल की ओपीडी में 135 पुरुष, 164 महिलाएं और 123 सीनियर सिटीजन व दिव्यांग उपचार के लिए पहुंचे। सर्वाधिक भीड़ बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष और फिजीशियन कक्ष में रही। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव नगला अनी निवासी रोहित कुमार की सात माह की पुत्री सृष्टि को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। मंगलवार की सुबह हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम का कहना था कि मौसम में बदलाव के कारण लोग सर्दी जुकाम के साथ ही बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में लापरवाही भारी पड़ सकती है। जरा भी दिक्कत हो तो तुरंत उपचार लें। बच्चों को उपचार दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 मरीज बुखार की चपेट में आकर उनके पास पहुंच रहे हैं।