जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में खुलासे को लेकर एसआईटी अब मनोवैज्ञानिकों का सहारा ले रही है। दिल्ली से वैज्ञानिकों की एक टीम मंगलवार को मैनपुरी पहुंची। टीम ने छात्रा की पर्सनल डायरी का अवलोकन शुरू कर दिया है। वैज्ञानिक डायरी पढ़कर छात्रा की मनोदशा का आंकलन करेंगे।
एसआईटी कर रही जांच
भोगांव के नवोदय विद्यालय में 16 सितंबर 2019 को एक छात्रा की कथित मौत और दुष्कर्म मामले में एडीजी भानु भास्कर के निर्देशन में गठित एसआईटी जांच कर रही है। अभी तक छात्रा की मौत के कारण के तौर पर तत्कालीन प्रधानाचार्या सुषमा सागर को दोषी मानते हुए जेल भेजा चुका है। अपराधी तक पहुंचने के लिए एसआईटी अब मनोवैज्ञानिकों का सहारा ले रही है।
कैंप कार्यालय पहुंची मनोवैज्ञानिकों की टीम
मंगलवार को दिल्ली से मनोवैज्ञानिकों की एक टीम एसआईटी के कैंप कार्यालय पहुंची। टीम में पांच लोग शामिल हैं। ये लोग छात्रा द्वारा लिखी गई पर्सनल डायरी को पढ़कर उसकी मनोदशा का आंकलन करेंगे। वैज्ञानिक यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि जिस समय डायरी लिखी गई, उस समय छात्रा की मानसिक स्थिति सामान्य थी या वह मानसिक रूप से परेशान थी। मनोवैज्ञानिकों की टीम द्वारा किए गए अवलोकन की रिपोर्ट आने के बाद ही शायद एसआईटी को कोई रास्ता मिल सके।
करीब डेढ़ सौ लोगों के हो चुके हैं टेस्ट
एसआईटी दुष्कर्म की पुष्टि के लिए डेढ़ सौ के करीब लोगों का टेस्ट करा चुकी है। करीब चार सौ से अधिक लोगों के कॉल डिटेल ट्रेस किए गए हैं। करीब 500 से अधिक संदिग्धों के डीएनए जांच कराई जा चुकी है। वहीं 160 से अधिक के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराए जा चुके हैं। 27 संदिग्धों की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी एसआईटी द्वारा अब तक कराए जा चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक इस मामले में खुलासा नहीं हो सका है।