करहल(मैनपुरी)। गांव गोटपुर गोंदई में संरक्षित पशु हत्या के मामले में चौकी इंचार्ज मीठेपुर और एक आरक्षी को एसपी ने जांच के बाद निलंबित कर दिया। बुधवार को कुएं में अवशेष मिलने के बाद ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगाया था। चौकी इंचार्ज व आरक्षी लापरवाही के दोषी पाए गए हैं। एसपी का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर टीमें दबिश दे रही हैं।
गांव गोटपुर गोंदई में संरक्षित पशु की हत्या को लेकर चार जनवरी को ग्रामीणों ने चौकी पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। इस दौरान गांव पहुंचे चौकी इंचार्ज मीठेपुर अभिषेक त्यागी व अन्य पुलिसकर्मियोें को लौटा दिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने संरक्षित पशु के अवशेष मिलने के बाद कुएं में मिट्टी डालकर उसे बंद करने की कोशिश की है। ग्रामीण खुद ही कुएं से अवशेष निकालने के बाद ट्रैक्टर में लादकर ले गए थे।
एएसपी राजेश कुमार के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए थे। इस घटना के बाद करहल पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। प्रकरण की जांच के बाद एसपी कमलेश दीक्षित ने चौकी इंचार्ज मीठेपुर अभिषेक त्यागी और आरक्षी अनुज राठी को निलंबित कर दिया। बताया कि जांच में दोनों की लापरवाही पाई गई। इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। एसपी का कहना है कि संरक्षित पशु हत्या के मामले में अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।