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Mainpuri Bypoll: मैनपुरी के पहले सांसद बादशाह गुप्ता का गांव है बदहाल, जलभराव और गंदगी से लोग परेशान

Mon, 21 Nov 2022 02:56 PM IST
मुकेश कुमार सौरभ शुक्ल, संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में कांग्रेस का झंडा उठाने वाले बादशाह गुप्ता पहले विधायक बने और फिर 1952 में मैनपुरी से पहले सांसद चुने गए। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए खूब प्रयास किए, लेकिन आज उनका गांव बदहाल स्थिति में है। 
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मैनपुरी के पहले सांसद बादशाह गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजाद भारत में जब पहली बार लोकसभा चुनाव हुए तो मैनपुरी लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता बादशाह गुप्ता पहले सांसद चुने गए थे। रामनगर निवासी सांसद ने क्षेत्र के विकास के लिए खूब कार्य किए, लेकिन आज उनका गांव बदहाल है। हर तरफ गंदगी और जलभराव है तो वहीं अनदेखी के चलते सरकारी संस्थानों के संचालन में भी लापरवाही की जा रही है। कई बार शिकायतों के बाद भी आज तक किसी ने इस गांव को संवारने के लिए काम नहीं किया। 

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विकास खंड किशनी के गांव रामनगर के रहने वाले जिले के पहले और तीसरे सांसद रहे बादशाह गुप्ता बेहद सादगी पसंद व्यक्ति थे। आजादी के आंदोलन से नेता के रूप में उबरे बादशाह गुप्ता को 1941 में एक वर्ष का कारावास देने के साथ ही 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था। वहीं 1942 में महात्मा गांधी के आंदोलन से जुड़ने के बाद आठ माह के लिए नजरबंद कर दिया गया था। 

1952 में चुने गए पहले सांसद 

जब देश आजाद हुआ तो जिले में कांग्रेस का झंडा उठाने वाले बादशाह गुप्ता पहले विधायक बने और फिर 1952 में मैनपुरी से पहले सांसद चुने गए। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए खूब प्रयास किए। उन्हीं के प्रयास से जिला मुख्यालय से सौरिख जाने वाले मार्ग का प्रस्ताव पास हुआ और बाद में उसका निर्माण हुआ। 1957 के चुनाव में बादशाह गुप्ता को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन तीसरे चुनाव में 1962 में बादशाह गुप्ता फिर से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुन लिए गए। 

बादशाह गुप्ता का परिवार - फोटो : अमर उजाला
12 नवंबर 1984 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद रामनगर बदहाल होता चला गया। वर्तमान में हाल ये है कि गलियों में गंदगी के साथ ही जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। शिकायतों के बाद भी आज तक सफाई नहीं कराई जा सकी। इससे बादशाह गुप्ता के परिजन व गांव के लोग आहत हैं। उन्हें ये बात चुभती है कि कभी जिस गांव के रहने वाले प्रथम सांसद बादशाह गुप्ता ने पूरी मैनपुरी के विकास के लिए कार्य किए, आज उनका गांव ही बदहाल है। 

फौती दर्ज कराने के लिए परिवार लगा रहा गुहार

प्रथम सांसद बादशाह गुप्ता का परिवार आज भी गांव रामनगर में ही रह रहा है। उनके पोते सुभाष चंद्र व सुशील प्रकाश गांव में ही रहकर व्यापार कर जीवन यापन कर रहे हैं। पूर्व सांसद के नाम से किशनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रठेह में पड़ी तीन बीघा जमीन अपने नाम दर्ज कराने को लेकर परिवार के लोग सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन आज तक फौती दर्ज नहीं कराई जा सकी। 

स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है चिकित्सक की तैनाती 

रामनगर में लोगों को उपचार देने के लिए स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। यहां स्टाफ के नाम पर एक फार्मासिस्ट व एक वार्ड वॉय की तैनाती हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के लोग फार्मासिस्ट से उपचार लेने को विवश हैं।
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अफसरों से मिलने पैदल ही चल देते थे बादशाह 

कांग्रेस नेता अनिल पालीवाल ने कहा कि बादशाह गुप्ता पैदल ही चलते थे। कार्यकर्ता की समस्या का समाधान कराने के लिए पैदल और साइकिल से ही अधिकारियों को मिलने पहुंच जाते थे। उन्होंने पहल करके मंडी धर्मदास में पार्टी कार्यालय स्थापित कराया जो आज भी उसी स्थान पर संचालित है।

रामनगर के डॉ. उदयभान वर्मा ने कहा कि लोगों के बीच बादशाह गुप्ता लोकप्रिय थे। चुनाव प्रचार के लिए वह जिस गांव में पहुंचते वहां के लोग उनके साथ वोट मंगवाने के लिए खुद ही चल देते थे। आसपास के गांवों तक लोग उनके साथ वोट मांगते थे। सांसद रहते हुए बाजार आने पर वह दुकानदारों का हाल पूछना नहीं भूलते थे।

बादशाह गुप्ता के चुनावों पर एक नजर 

वर्ष विजेता   वोट मुख्य प्रतिद्वंद्वी वोट
1951  बादशाह गुप्ता 61736 रघुवीर सहाय 23265
1962 बादशाह गुप्ता 52328   रामनाथ 51524

 
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