बादशाह गुप्ता का परिवार
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12 नवंबर 1984 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद रामनगर बदहाल होता चला गया। वर्तमान में हाल ये है कि गलियों में गंदगी के साथ ही जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। शिकायतों के बाद भी आज तक सफाई नहीं कराई जा सकी। इससे बादशाह गुप्ता के परिजन व गांव के लोग आहत हैं। उन्हें ये बात चुभती है कि कभी जिस गांव के रहने वाले प्रथम सांसद बादशाह गुप्ता ने पूरी मैनपुरी के विकास के लिए कार्य किए, आज उनका गांव ही बदहाल है।
फौती दर्ज कराने के लिए परिवार लगा रहा गुहार
प्रथम सांसद बादशाह गुप्ता का परिवार आज भी गांव रामनगर में ही रह रहा है। उनके पोते सुभाष चंद्र व सुशील प्रकाश गांव में ही रहकर व्यापार कर जीवन यापन कर रहे हैं। पूर्व सांसद के नाम से किशनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रठेह में पड़ी तीन बीघा जमीन अपने नाम दर्ज कराने को लेकर परिवार के लोग सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन आज तक फौती दर्ज नहीं कराई जा सकी।
स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है चिकित्सक की तैनाती
रामनगर में लोगों को उपचार देने के लिए स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। यहां स्टाफ के नाम पर एक फार्मासिस्ट व एक वार्ड वॉय की तैनाती हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के लोग फार्मासिस्ट से उपचार लेने को विवश हैं।
अफसरों से मिलने पैदल ही चल देते थे बादशाह
कांग्रेस नेता अनिल पालीवाल ने कहा कि बादशाह गुप्ता पैदल ही चलते थे। कार्यकर्ता की समस्या का समाधान कराने के लिए पैदल और साइकिल से ही अधिकारियों को मिलने पहुंच जाते थे। उन्होंने पहल करके मंडी धर्मदास में पार्टी कार्यालय स्थापित कराया जो आज भी उसी स्थान पर संचालित है।
रामनगर के डॉ. उदयभान वर्मा ने कहा कि लोगों के बीच बादशाह गुप्ता लोकप्रिय थे। चुनाव प्रचार के लिए वह जिस गांव में पहुंचते वहां के लोग उनके साथ वोट मंगवाने के लिए खुद ही चल देते थे। आसपास के गांवों तक लोग उनके साथ वोट मांगते थे। सांसद रहते हुए बाजार आने पर वह दुकानदारों का हाल पूछना नहीं भूलते थे।
बादशाह गुप्ता के चुनावों पर एक नजर
| वर्ष |
विजेता |
वोट |
मुख्य प्रतिद्वंद्वी |
वोट |
| 1951 |
बादशाह गुप्ता |
61736 |
रघुवीर सहाय |
23265 |
| 1962 |
बादशाह गुप्ता |
52328 |
रामनाथ |
51524 |