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Mainpuri Bypoll 2022: मैनपुरी उपचुनाव में मुद्दों का नहीं कोई जिक्र, बस चुनाव जीतने की फिक्र

Fri, 18 Nov 2022 12:51 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

गांव-गांव गली-गली जाकर प्रत्याशी और नेता मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में लगे हुए हैं। मुद्दों का जिक्र नहीं करने वाले नेताओं को केवल चुनाव जीतने की ही फिक्र है।
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मैनपुरी उपचुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में किसी दल के पास मुद्दों का जिक्र नहीं है। हर प्रत्याशी को केवल चुनाव जीतने की ही फिक्र है। उद्योग शून्य जिले में युवाओं को रोजगार की दरकार है। लेकिन किसी प्रत्याशी के एजेंडे में रोजगार दिलाने के लिए प्रयास की जगह नहीं है। सपा और भाजपा के नेता मतदाताओं को लुभाने में ही लगे हुए हैं। 

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जिले में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। जिले में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने पर बेरोजगारी काफी हद तक दूर हो सकती है। डबल इंजन की सरकार में भी जिले को बेरोजगारी की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। सांसद मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हो रहे उपचुनाव में सपा और भाजपा प्रत्याशी नामांकन करने के बाद चुनाव प्रचार शुरू कर चुके हैं। 

गांव-गांव गली-गली जाकर प्रत्याशी और नेता मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में लगे हुए हैं। मुद्दों का जिक्र नहीं करने वाले नेताओं को केवल चुनाव जीतने की ही फिक्र है। शिक्षा के लिए जिले में सैनिक स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं जरूर है। लेकिन रोजगार पाने के साधन नहीं हैं। बेरोजगारों को जिले में किसी औद्योगिक इकाई की स्थापना का आज भी इंतजार है। 

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इकाइयां नहीं हो सकी चालू

भोगांव विधानसभा क्षेत्र में रोजगार देने वाले बंद चल रहे पराग दुग्ध अवशीतन केंद्र को चालू करने की पहल नहीं की गई है। जीटी रोड पर बेवर के पास प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर आज तक नहीं बन सका है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा वर्ष 1989 के लोकसभा चुनाव में घिरोर क्षेत्र में चीनी मिल लगवाने की घोषणा केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने पर अधूरी ही रही है।

मुख्यमंत्री से मांग भी रही बेअसर

विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री द्वारा ललूपुर में चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आलू आधारित औद्योगिक इकाई लगाने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने भी मांग पूरी नहीं की। जबकि जिले में आलू की बंपर पैदावार होती है। अगर जिले में आलू आधारित उद्योग लग जाए तो आलू की खपत होने के साथ ही बेरोजगारों को जिले में ही काफी हद तक रोजगार मिल सकता है।

सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा कि सपा सरकार में जिले में कई विकास कार्य कराए गए हैं। सैनिक स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज, आवागमन के लिए सड़कें और पुल बनवाए गए हैं। सरकार बनने पर बेरोजगारी दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने कहा कि बेरोजगारी दूर करने को जिले में औद्योगिक इकाइयों की जरूरत है। जिसकेे लिए पहल भी की गई है। बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से शासन स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
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