मैनपुरी। विकास खंड किशनी के प्राथमिक विद्यालय नगला अहिर पर तैनात जनपद कन्नौज निवासी शिक्षिका के बर्खास्तगी के आदेश के साथ ही शिक्षिका को दिए गए वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। जिला चयन समिति ने वित्त एवं लेखाधिकारी को इस संबंध में पत्र जारी किया है। शिक्षिका ने पांच साल में लगभग 30 लाख की धनराशि वेतन के रूप में प्राप्त की है।
किशनी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नगला अहिर पर वर्ष 2018 में जनपद कन्नौज के सौरिख निवासी शिक्षिका लक्ष्मी ने नौकरी हासिल की थी। आरोप है कि शिक्षिका ने एक ही साल में दो जगह से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट किया है। शिकायत पर बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी जेपी पाल और सुनील दुबे से जांच कराई थी।
दोनों खंड शिक्षाधिकारियों ने रिपोर्ट बीएसए को सौंपते हुए बताया कि शिक्षिका की शिकायत सही पाई गई है। शिक्षिका ने एक ही साल में दो अलग-अलग कॉलेजों से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। यही नहीं शिक्षिका ने समान सत्रों में ही बीए और बीएससी की डिग्री एक ही विश्वविद्यालय से लीं।
बीएसए ने 15 दिसंबर को शिक्षिका का बर्खास्तगी पत्र तैयार कर जिला चयन समिति को भेजा था। जिला चयन समिति ने 28 दिसंबर को अपने आदेश में शिक्षिका के बर्खास्तगी पत्र को सही पाया। चयन समिति की सहमति के बाद बीएसए ने शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश बृहस्पतिवार को जारी कर दिया। अब चयन समिति ने शिक्षिका को वेतन के रूप में दी गई धनराशि की रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में चयन समिति ने वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा है।
शिक्षिका पर दर्ज होगी एफआईआर
बर्खास्त शिक्षिका लक्ष्मी के विरुद्ध विभाग को गुमराह कर नौकरी हासिल करने के मामले में बीएसए दीपिका गुप्ता ने खंड शिक्षाधिकारी किशनी को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। बीएसए ने कहा कि विभाग को पांच साल से शिक्षिका धोखा देकर नौकरी कर रही थी।
शिक्षिका के परिजन दे रहे धमकी
शिक्षिका की बर्खास्तगी की जानकारी समाचारपत्र में प्रकाशित होने के बाद बर्खास्त शिक्षिका के परिजन ने बीएसए कार्यालय के एक लिपिक को धमकी दी है। लिपिक ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है। हालांकि अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
शिक्षिका से रिकवरी का अभी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होते ही शिक्षिका से रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-अनिल कुमार, वित्त एवं लेखाधिकारी