फिरोजाबाद से निर्दलीय लड़े पूर्व मंत्री चौधरी बशीर की जमानत जब्त हो गई। उन्हें नोटा से आधे वोट भी नहीं मिले। वह आगरा छावनी से विधायक रहे हैं। आगरा की राजनीति में उन्हें मुस्लिमों नेताओं में बड़ा चेहरा माना जाता है। उन्हें कुल 2545 वोट ही मिले जबकि नोटा को 6676 वोट मिले।
बशीर को कभी विधानसभा चुनाव में भी इतने कम वोट नहीं मिले हैं। वह आगरा मेयर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। पिछले चुनाव में 30 हजार से ज्यादा वोट ले गए थे। हालांकि एक बार जीतने के बाद उन्हें हर चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ रहा है। जमानत तक नहीं बच पा रही है।
फिरोजाबाद से शिवपाल यादव मुख्य मुकाबले से ही बाहर हो गए। शिवपाल तीसरे नंबर पर पहुंच गए। इस सीट को जीत कर शिवपाल यूपी की राजनीति में जो संदेश देने की कोशिश कर रहे थे, हार से उन्हें झटका लगा है। जानकारों का मानना है कि शिवपाल सिंह यादव ने यहां अक्षय यादव का वोट बिगाड़ दिया। जो 91 हजार वोट उन्हें मिले यदि शिवपाल यहां से नहीं लड़ते तो ये वोट समाजवादी पार्टी खेमे में जा सकते थे।