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Agra News: सार्वजनिक शौचालयों में लटक रहे ताले, पार्किंग की व्यवस्था भी चौपट

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मैनपुरी। शहर के लोगों के लिए सुविधाएं देना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। लेकिन नगर पालिका की अनदेखी के चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में सार्वजनिक शौचालय में ताले लटके हैं तो वहीं पार्किंग की व्यवस्था न होना एक बड़ी परेशानी है। निकाय चुनाव में इन मुद्दों पर कहीं भी बहन नहीं हो रही है। केवल दलगत राजनीति ही निकाय चुनाव में हावी है। नगर पालिका द्वारा 82 लाख रुपये की लागत से 21 सार्वजनिक शौचालय शहर में बनवाए गए हैं। लेकिन इनका हाल बेहाल है। लोगों के काम ये शौचालय नहीं आ रहे हैं। कहीं हथठेल वालों ने कब्जा करके सार्वजनिक शौचालय को दुकान में बदल दिया है तो कहीं शौचालय का ताला ही नहीं खुल सका है। शहर के लोग आज भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होते हैं। सबसे अधिक परेशानी तो राहगीरों को होती है। शहर में सर्वाजनिक शौचालयों पर कब्जा एक बड़ी समस्या है।
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वहीं दूसरी तरफ पूरे बाजार में वाहन की पार्किंग न होने से भी लोग परेशान होते हैं। सड़कें अतिक्रमण के चलते इनती संकरी हो गई हैं, इन पर वाहन खड़ा करना तो दूर निकालना ही मुश्किल है। ऐसे में बाजार आने वाले लोग परेशान होते हैं। कई बार पुरानी तहसील में पार्किंग बनाए जाने का प्लान बना, लेकिन नगर पालिका इसे अमली जामा नहीं पहना सकी। शहर के लोगों के लिए ये सबसे अहम मुद्दा है। लोगों को अब फिर से नगर पालिका की नई सरकार से इन समस्याओं का निदान कराने की उम्मीद है। लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशियों की नजर से मुद्दे कोसों दूर हैं। वे तो बस अपनी पार्टी की नीतियां गिनाते फिर रहे हैं।

सार्वजनिक शौचालय में लग रही चाट पकौड़ी की दुकान
शहर के नवीन मंडी के गेट नंबर एक के पास बने सार्वजनिक शौचालय में कब्जा कर लिया गया है। यहां शौचालय में चाट पकौड़ी की दुकान का संचालन किया जा रहा है। नगर पालिका प्रशासन भी ये जानता है,लेकिन इसके बाद भी आज तक ये शौचालय खाली नहीं कराया जा सका। यहां शौच के लिए आने वाले लोगों को मायूस ही लौटना पड़ता है।
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कहीं ताले ही बन गए शौचालयों की किस्मत
एक ओर जहां सार्वजनिक शौचालयों पर कब्जा है तो वहीं दूसरी तरफ कई सार्वजनिक शौचालय ऐसे हैं, जिनमें ताले लटक रहे हैं। नवीन मंडी के गेट नंबर दो पर हो या फिर कृषि विज्ञान केंद्र के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय हो, इनका ताला ही आज तक नहीं खुल सका। दरअसल नगर पालिका में तैनात कर्मचारियों ने ही इनमें ताला डाल रखा है।

पार्किंग में तब्दील न हो सका तहसील खंडहर
शहर के बीचों बीच पुरानी तहसील का खंडहर पड़ा हुआ है। शहर में पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार इस तहसील के खंडहर को पार्किंग में बदलने का प्रस्ताव पारित हुआ। लेकिन आज भी इस खंडहर को पार्किंग में नहीं बदला जा सका। यहां कूड़े के ढेर लगे हैं और छुट्टा पशुओं का जमावड़ा बना रहता है। लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई मतलब नहीं है।
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