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Agra News: भीषण गर्मी में पशुधन पर संकट, बचाव के लिए बढ़ाएं सतर्कता, गर्मी में नहलाना, हरा चारा और पर्याप्त पानी बहुत जरूरी

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बिचपुरी। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने पशुधन पर भी संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे में पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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पशु चिकित्साधिकारी बिचपुरी डॉ. संजय यादव ने बताया कि गर्मी से बचाव में लापरवाही बरतने पर मवेशियों में हीट स्ट्रेस के साथ कई बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि मवेशियों को दिन की तेज धूप से बचाते हुए प्रतिदिन सुबह दस बजे से पहले और शाम पांच बजे के बाद ही नहलाना चाहिए। आहार में संतुलन रखते हुए सूखे भूसे की मात्रा 30 प्रतिशत और करीब 70 प्रतिशत हरा चारा देना अधिक लाभकारी रहता है। साथ ही मवेशियों को दिन में कम से कम तीन बार ताजा पानी पिलाना अनिवार्य है। एक मवेशी के लिए प्रतिदिन 60 से 70 लीटर पानी आवश्यक माना गया है। डॉ. यादव ने कहा कि गर्मी के दिनों में जूं और किलनी जैसे बाहरी परजीवी तेजी से पनपते हैं, जिससे पशु कमजोर हो सकते हैं। इसके लिए समय-समय पर दवा देना जरूरी है। वहीं, हर तीन महीने में पेट के कीड़ों की दवा देना भी आवश्यक है, क्योंकि अधिकांश बीमारियां पेट संबंधी समस्याओं से ही शुरू होती हैं। साथ ही उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि कुत्तों के लिए घर के बाहर और बंदर-पक्षियों के लिए छत पर छायादार स्थान में पानी की व्यवस्था करें। भोजन भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि छाया में आराम कर रहे जानवरों को परेशान न करें, क्योंकि वे केवल खतरा महसूस होने पर ही आक्रामक होते हैं।
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