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Kasganj: युवक को फोन करके बुलाया... पीट-पीटकर मार डाला, पति-पत्नी और बेटा व बेटी को आजीवन कारावास

Thu, 29 Feb 2024 09:53 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कासंगज में युवक को फोन करके खेत पर बुलाया। यहां लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। कोर्ट ने दोषी मिले पति-पत्नी और बेटा व बेटी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक) - फोटो : istock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कासगंज में बुधवार को हत्या के एक मामले में सुनवाई की गई। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। सुनवाई के बाद मामले में दोषी मिले पिता, पुत्र, पत्नी और बेटी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक लाख बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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घटना के अनुसार सोरोंजी क्षेत्र के ग्राम न्योली निवासी मुकेश के पास गांव निवासी महावीर मल्लाह की पुत्री आरती का फोन बीते 7 मई 2017 की रात आया। उसने उसे खेत पर बुलाया। फोन आने के बाद मुकेश, खेत पर चला गया। महावीर का भाई कमल सिंह उसके घर गया। मुकेश के भाई राम सेवक व दिनेश से महावीर द्वारा खेत पर बुलाने की जानकारी दी। रामसेवक व दिनेश महावीर के खेत पर चकरोड से होते हुए जा रहे थे। तभी उन्होंने पंप सेट के पास भाई मुकेश को लहूलुहान हाल में पड़ा देखा।

लाठी-डंडा फरसा से किया था हमला 

मौके पर महावीर उनका बेटा हरवंंश, पुत्री आरती व पत्नी भगवती उसे लाठी डंडों से पीट रहे थे। आरती के हाथ में फरसा था। मुकेश के भाइयों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली देते हुए उन पर हमले का प्रयास किया। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि चारों आरोपी घायल मुकेश को उपचार के लिए नहीं जाने दिए।

समय से उपचार न मिलने के कारण 8 मई 2017 की सुबह मुकेश की मौत हो गई। हरिशंकर ने चारों आरोपियों के खिलाफ सोरों थाने में 8 मई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई। तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने मामले की विवेचना की। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया और रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव मिश्रा ने मामले की पैरवी की।

सुनवाई के बाद चारों दोषी मिले

साथ ही साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद चारों आरोपियों पर दोषी सिद्ध हुआ। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चारों आरोपियों को दोषी माना। कोर्ट ने महावीर, हरवंश,भगवती व आरती को आजीवन सश्रम करावास के साथ 80 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। साथ ही धारा 506 के तहत चारों दोषियों को पांच वर्ष सश्रम कारावास के साथ 40 हजार रुपये अर्थ दंड निर्धारित किया। 
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