मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में 11 साल पहले अनुसूचित जाति के युवक की हत्या के मुकदमे में दो भाइयों सहित चार लोगों को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीतासिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना बेवर के गांव नंदुलिया के रहने वाले सर्वेश जाटव 2 अक्तूबर 2013 को गांव में सूर्यप्रताप के यहां तेरहवीं की दावत में अपने भाई राजकुमार तथा अन्य लोगों के साथ जा रहे थे। रास्ते में दिवाकर उर्फ कल्लूू पांडेय, निवाकर पांडेय, अनिल, गोरेलाल ने उनको घेरकर फायरिंग करके सर्वेश की हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट राजकुमार ने चारों के खिलाफ दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीतासिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने चारों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर चारों को सर्वेश की हत्या करने का दोषी पाया गया। दो भाइयों सहित चार लोगों को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीतासिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
तमंचा रखने पर पांच हजार का जुर्माना
पुलिस ने गोरेलाल तथा अनिल के पास से तमंचा भी बरामद किया था। उनके खिलाफ तमंचा रखने का भी मुकदमा चला। स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीतासिंह ने दोनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।