मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव नगला हीरे में पांच साल पहले युवक की फायरिंग कर हत्या और उसकी बहन को घायल करने वाले गांव के ही पिता और दो पुत्रों को जिला जज पंकज कुमार अग्रवाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 3,28500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। थाना भोगांव के गांव नगला हीरे के मुन्नालाल का अपने परिवार के देवराज से मकान के स्वामित्व पर विवाद था। देवराज के रिश्तेदारों ने 16 अक्तूबर 2020 को गांव में दोनों पक्षों के बीच पंचायत करके समझौता करा दिया था। मुन्नालाल की लिखाई रिपोर्ट के अनुसार 17 अक्तूबर 2020 को देवराज का पुत्र उपेंद्र नोएडा से गांव आया। वह अपने परिजन के साथ मुन्नालाल के घर पहुंचा और मकान खाली करने को कहा। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। उपेंद्र पक्ष के लोगों की फायरिंग से मुन्नालाल के पुत्र जितेंद्र उर्फ गोलू की मौके पर मौत हो गई। जबकि गोलू की बहन पिंकी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने जांच के बाद देवराज, देवराज के पुत्र उपेंद्र, ब्रजेश, उपेंद्र की पुत्री पूजा, ब्रजेश की पत्नी विनीता और छविनाथ के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज पंकज कुमार अग्रवाल के न्यायालय में हुई। गवाही के आधार पर देवराज, उपेंद्र, ब्रजेश को दोषी पाया गया। जिला जज ने उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उन पर 328500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उपेंद्र की पुत्री पूजा, ब्रजेश की पत्नी विनीता, छविनाथ पर 8500-8500 रुपया जुर्माना लगाया है।