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युवक की हत्या करने वाले तीन को आजीवन कारावास

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मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में 22 साल पहले युवक की फायरिंग करके हत्या करने वाले तीन लोगों को स्पेशल जज (ईसी एक्ट) पूनम राजपूत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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थाना बेवर के गांव चिलौंसा निवासी सत्यवीर सिंह आठ सितंबर 2000 की शाम चार बजे अपने चाचा प्रेमपाल सिंह, चाची गरिमा सिंह, फुफेरे भाई आलोक प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह के साथ बेवर से गांव जा रहा था। रास्ते में चिलौंसा निवासी हरवीर सिंह, लक्ष्मीराज सिंह, बेवर निवासी आनंद दीक्षित, घुटारा निवासी शैलेंद्र उर्फ शीलू, प्रदीप कुमार ने फायरिंग कर दी। इससे सत्यवीर की मौके पर ही मौत हो गई। आलोक प्रताप सिंह घायल हो गया। सत्यवीर के चाचा प्रेमपाल ने पांचों के खिलाफ थाना बेवर में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जांच करके चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। साक्ष्य और गवाही के आधार पर हरवीर, आनंद दीक्षित, लक्ष्मीराज सिंह, शीलू को हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला, विश्वजीत राठौर ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ने आनंद दीक्षित, हरवीर सिंह, लक्ष्मीराज सिंह को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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आश्रित को मिलेगी आधी धनराशि
एडीजीसी रोहित शुक्ला ने बताया कि जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के आश्रितों को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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शीलू के गिरफ्तारी वारंट जारी
सत्यवीर की हत्या करने वाला शीलू निर्णय सुनने के लिए अदालत में नहीं आया। एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने बताया कि उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करके एसपी को भेजे गए हैं।
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प्रदीप का मुकदमा किशोर न्यायालय में
प्रदीप ने किशोर होने के संबंध में कोर्ट में प्रमाण दिए। प्रमाणों के आधार पर उसको किशोर पाया गया। उसका मुकदमा किशोर न्यायालय में चला है।
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पिता की भी हत्या की थी
सत्यवीर के पिता यदुवीर सिंह की हत्या 23 मई 1999 को कर दी गई थी। जिसकी रिपोर्ट सत्यवीर ने हरवीर सिंह सहित उनके साथियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते सत्यवीर की हत्या कर दी गई।
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