फिरोजाबाद में अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सात वर्ष पूर्व मजदूर की गोली मार कर हत्या में दोषी दो सगे भाइयों सहित तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 15-15 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
2014 की है घटना
घटना लाइनपार थाना क्षेत्र का 25 सितंबर 2014 की है। वादी यशवीर पुलिस को दी तहरीर में कहा कि 25 सितंबर को उसके चाचा रामकिशन के साथ अपनी- अपनी साइकिल से सुबह 8.45 बजे फैक्ट्री में मजदूरी करने के लिए फिरोजाबाद जा रहे थे। ढोलपुरा के बंबे के पास पीछे से दो बाइक पर राहुल, मुकेश और दो सगे भाई मुन्ना लाल व दिवारी लाल निवासीगण वासुदेवपुर लाइनपार पहुंच गए थे। यशवीर का कहना है कि उससे सौ कदम आगे चल रहे उसके चाचा रामकिशन को लात मार कर गिरा दिया। इसके बाद आरोपितों ने तमंचे से गोली मार कर रामकिशन की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस ने न्यायालय में दाखिल किया आरोप पत्र
पुलिस ने मामले की जांचकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला शेषन के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज एफटीसी द्वितीय यजुवेद्र विक्रम सिंह के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी मनोज शर्मा ने दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की दलीलों को रखा। न्यायाधीश ने हत्या के मामले में मुकेश और सगे भाई मुन्नालाल व दिवारीलाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं राहुल व साजिश रचने के आरोप में नामजद वादी उमेश उर्फ पप्पू और रविंद्र बासदेवपुर को कोर्ट ने बरी कर दिया है।