थाना कोतवाली क्षेत्र से आठ साल पहले एक युवक का फिरौती की नीयत से अपहरण करने वाले चार लोगों को स्पेशल जज डकैती पूनम राजपूत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद चारों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के छपट्टी निवासी उद्योगपति सुशील मोहन गुप्ता के पुत्र अमन का 15 मई 2015 की शाम सात बजे अपहरण कर लिया गया था। अपहरण कर्ताओं ने दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने 16 मार्च को अमन को नगरिया रोड पर एक खंडहर से बरामद करके राहुल निवासी नगला पजाबा को गिरफ्तार कर लिया। राहुल ने अपहरण करने में शामिल रहने वालों के नाम अनुज गुप्ता निवासी आवास विकास, पंकज कठेरिया निवासी हिंदपुरम, प्रदीप निवासी ललूपुर, आसिफ निवासी छपट्टी बताए। पुलिस ने जांच करने के बाद पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज डकैती पूनम राजपूत की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, अपहृत सहित गवाहों ने पांचों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर राहुल, अनुज गुप्ता, पंकज कठेरिया, प्रदीप को अमन का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी राकेश गुप्ता, संजीव चौहान, रोहित शुक्ला ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज डकैती पूनम राजपूत ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पीड़ित को मिलेगी आधी धनराशि
अपहरण कर्ताओं पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी राकेश गुप्ता ने बताया कि स्पेशल जज पूनम राजपूत ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि 50 हजार रुपया पीड़ित अमन गुप्ता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
अपहृत किशोरी की गवाही पर हुई सजा
पीड़ित अमन ने अदालत में आरोपियों की पहचान की। उसने गवाही में बताया कि आरेापी अपहरण करके अपने साथ ले गए थे। नगरिया के पास एक खंडहर में रखा था। उसके पिता से फिरौती के दो करोड़ रुपये मांगे थे। उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीडन भी किया था।
राहुल गरीब परिवार का है। वह बहन की शादी करना चाहता था। रुपये नहीं होने के कारण उसने अमन का अपहरण करने की योजना बनाई। अपहरण करने में अनुज गुप्ता, पंकज कठेरिया, प्रदीप, आसिफ को साथ लिया। यह बातें राहुल ने पुलिस को पूछताछ में बताई थीं।
आसिफ चल रहा फरार
अमन का अपहरण करने वाला आसिफ फरार चल रहा है। उसने जमानत पाने के बाद प्रदीप, पंकज, आसिफ की मदद से मीठेपुर करहल के रहने वाले बीडीओ रवीशचंद्र की हत्या कर दी थी। रवीश का शव इकदिल क्षेत्र में 18 जुलाई 2017 को मिला था। जिसके बाद से आसिफ फरार चल रहा है। बीडीओ की हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चल रहा है।