मैनपुरी। आठ साल पहले एलआईसी एजेंट के मौत के मामले में मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण ने बीमा कंपनी को 21.83 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। साथ ही धनराशि का 7.5 प्रतिशत ब्याज के रूप में देने को कहा है। मृतक के आश्रितों की दायर की गई याचिका पर यह आदेश दिया है। पंजाबी कॉलोनी निवासी अबधेश सिंह यादव बीमा एजेंट थे। 12 मई 2017 को शाम पांच बजे बाइक से भोगांव जा रहे थे। थाना कोतवाली क्षेत्र में मोहनपुर मोड़ के पास एक मारुति वैन ने बाइक में टक्कर मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी गीतादेवी, पुत्री दिव्या और पुत्र वैभव ने मुआवजा पाने के लिए मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण में मारुति की बीमा कंपनी न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी स्टेशन रोड के शाखा प्रबंधक के खिलाफ 31 मई 2017 को याचिका दायर की थी। मृतक आश्रित के प्रतिनिधि शंकर लाल गुप्ता ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण में मारुति के चालक की लापरवाही के संबंध में प्रमाण पेश किए। बताया कि मृतक की मासिक आय 36000 रुपये महीना थी। प्रमाणों और साक्ष्यों के आधार पर मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इंतेखाब आलम ने शाखा प्रबंधक को आदेश दिया कि मृतक आश्रितों को 2183702 रुपया मुआवजा के रूप में अदा करना होगा। साथ ही याचिका दायर होने की तिथि से भुगतान की तिथि तक धनराशि पर 7.5 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।