मैनपुरी। देश को आजादी मिलने के बाद 15 अगस्त 1947 को जिलेभर में लोगों ने घरों पर तिरंगा झंडा लगाया। मकानों और दुकानों पर दीपक जलाए। जगह-जगह रोशनी करके खुशी मनाई गई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का लोगों ने जगह-जगह अभिनंदन किया। पहले स्वतंत्रता दिवस को याद करके बुजुर्गों की आंखों में चमक आ जाती है।
समय के साथ बदलते जा रहे माहौल से बुजुर्ग निराश भी हैं। उनका कहना है कि समय के साथ स्वतंत्रता दिवस का उत्साह कम होता जा रहा है। देशप्रेम की भावना लगातार खत्म होती जा रही है। आजादी के दीवानों ने जो सपना देखा था वह पूरा नहीं हो पा रहा है। विशेष अवसरों पर ही आजादी के दीवानों को याद किया जाता है। पहले स्वतंत्रता दिवस पर जो उत्साह लोगों में था वह अब गायब हो चुका है। पहले स्वतंत्रता दिवस पर आजादी का माहौल देख चुके बुजुर्गों की कुछ ऐसी ही पीड़ा है। जो अमर उजाला से बात करते हुए पहले स्वतंत्रता दिवस की याद करके उनकी जुबां पर आ ही गई।