बाह। भूतेश्वर महादेव मंदिर खेडा देवीदास पर शिव महापुराण कथा पर प्रवचन करते हुए सुदर्शन महाराज ने कहा कि भगवान शिव किसी विशेष पूजा या जाप के मोहताज नहीं हैं। वे भाव के भूखे होते हैं और जैसी भावना से उन्हें पुकारा जाए, वो वैसा ही स्वीकार करते हैं। शिवजी का परिवार कभी अलग नहीं हुआ, उन्होंने न पत्नी को छोड़ा, न बच्चों को, न अपना घर। हमसे भी यही अपेक्षा है कि परिवार को साथ रखकर साधना करें। उन्होंने कहा कि पति अगर नारायण बनकर रहेगा तो पत्नी लक्ष्मी बनकर साथ निभाएगी। गुस्सा बाहर छोड़ो, घर में प्रेम से रहो। जो तुम दूसरों को दोगे, वही लौटकर तुम्हारे पास आएगा। सम्मान दोगे, तो सम्मान मिलेगा। संवाद