कासगंज। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सदर तहसील के अधिवक्ता काफी समय से हड़ताल पर हैं। अधिवक्ताओं ने हड़ताल को व्यापक रूप दिया। जिसके चलते तहसील में कार्य करने वाले दस्तावेज लेखक भी हड़ताल में शामिल हो गए। बीते 8 दिनों से दस्तावेज लेखकों के हड़ताल में शामिल होने से प्रति दिन 20 लाख रुपयेे राजस्व का नुकसान हो रहा। 8 दिन की हड़ताल में अवकाश के तीन दिन थे। पांच दिन से रजिस्ट्री बैनामा का कोई कार्य नहीं हुआ। जिससे रजिस्ट्री विभाग को करीब 1 करोड़ रुपये राजस्व की चपत लग चुकी है।
सदर तहसील में दस्तावेज लेखन का कार्य न होने से लोगों के बैनामा, रजिस्ट्री आदि के कार्य अटके हुए हैं। रजिस्ट्री कार्यालय में सन्नाटा फैला हुआ है। अधिवक्ता लगातार अपनी मांगों के संबंध में प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को रजिस्ट्री कार्यालय में सन्नाटे का आलम बना हुआ था। अधिवक्ताओं के द्वारा रजिस्ट्री ऑफिस का मुख्य दरवाजा भी बंद कर दिया गया। केवल छोटा गेट ही खुला रहा। जिससे रजिस्ट्री विभाग के कर्मी आवाजाही कर रहे थे। रजिस्ट्री का काम ठप होने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। रजिस्ट्री विभाग ने प्रतिदिन हो रही राजस्व की क्षति के बारे में शासन को जानकारी दे दी है।
- अधिवक्ताओं की हड़ताल के समर्थन में दस्तावेज लेखक संघ ने भी हड़ताल की है। पिछले 5 कार्यदिवस में कोई रजिस्ट्री का कार्य नहीं हुआ है। जिससे प्रतिदिन 20 लाख रुपये का राजस्व प्रभावित हो रहा है। 35 से 40 रजिस्ट्री प्रतिदिन होती है।- मनोज कुमार विश्वकर्मा, रजिस्ट्रार।