किरावली के गांव जिटौरा में भूमि की नाप करते राजस्व कर्मी फोटो स्रोत स्वयं राजस्व विभाग
किरावली। तहसील किरावली के जिटोरा गांव में चार दशक से अधिक समय से चला आ रहा भूमि विवाद उप जिलाधिकारी नीलम तिवारी की पहल से महज पांच घंटे में सुलझ गया। एसडीएम ने पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर न केवल विवादित पक्षों को उनके-अपने हिस्से का कब्जा दिलाया, बल्कि अतिक्रमण की चपेट में आई सरकारी भूमि को भी मुक्त कराया।बताया गया कि वर्ष 1981 से गाटा संख्या 198 की 15 बिस्वा भूमि को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद चला आ रहा था। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां से वाद खारिज होने के बाद भी कब्जे को लेकर तनाव बना रहा। एक पक्ष द्वारा भूमि खरीद कर नामांकन करा लेने के बावजूद दूसरा पक्ष अतिरिक्त भूमि पर कब्जा किए हुए था। एसडीएम के निर्देश पर गठित राजस्व टीम ने पूरे रकबे का सीमांकन कराया। जांच में गाटा संख्या 198 से सटे नाले सहित भूमि की पैमाइश की गई, जिसमें अतिक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों पक्षों की मौजूदगी में पुनः सीमांकन कर खतौनी के अनुसार सभी को उनका वैधानिक हिस्सा सौंपा गया।