कासगंज। गंगा की धारा तेजी से गांव में कटान कर रही है। गांव बरौना में आबादी के बीच गंगा का कटान पहुंचने से ग्रामीण बेचैन हैं। गंगा के किनारे आ चुके उन ग्रामीणों ने अपने घरों को खाली करके सामान, बुर्जी, बिटौरे हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। सोमवार को पूरे दिन गांव में बेचैनी के बीच अफरातफरी का माहौल रहा। हर कोई अपने बचाव के प्रबंध करने में जुटा था। गंगा किनारे के तमाम पेड़ भी जमीन के कटने से गंगा में समाते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से कटान रोधी कार्य कराने की मांग उठाई है।
पटियाली तहसील क्षेत्र के पांच हजार की आबादी वाले बरौना गांव में कई दिनों से कटान चल रहा है। पहले तो खेती की जमीन गंगा में कटी। अब गांव की आबादी गंगा के निशाने पर है। गांव के मिटते अस्तित्व को देखकर ग्रामीण परेशान हैं और शासन प्रशासन से कटान रोकने की गुहार लगा रहे हैं। दिन रात गंगा की धारा की निगरानी की जा रही है। सुबह से ही ग्रामीण घर, गृहस्थी कञा सामान समेटने में जुटे नजर आए।
दोपहर के समय ट्रैक्टर ट्रॉली से ग्रामीण जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के समक्ष पहुंचे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कहा कि गांव की आबादी में कटान शुरू होने से अब गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में कटान रोकना आवश्यक है। ग्रामीणों ने कहा कि पूरे गांव पर कटान का खतरा बना हुआ है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सिंचाई विभाग की टीम कटान रोधी कार्य करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान ग्रामीण देवेंद्र सिंह, ओमवीर, भरत सिंह, रामदयाल, कुंवरपाल, बलवीर, राजेंद्र, रक्षपाल, नेकसे लाल, धर्मेंद्र सिंह, कृष्णजीत, वीरेश कुमार, रामप्रकाश, शिवकुमार, सुनील आदि मौजूद थे।
- सिंचाई विभाग को कटानरोधी कार्य तेजी से करने के लिए निर्देशित किया है। कटान रोकने की हर संभव कोशिश की जा रही है। पटियाली तहसील के एसडीएम व अन्य अधिकारी गांव में पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। - हर्षिता माथुर, डीएम।