संवाद न्यूज एजेंसी
सोरोंजी(कासगंज)। बुधवार को भोर से ही तीर्थनगरी में पंचकोसी परिक्रमा और मोक्षदा एकादशी के स्नान के लिए उत्साह का माहौल रहा। देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी जिलों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव के साथ विधिवत परिक्रमा लगाई। इस दौरान वराह मंदिर से लेकर हरि की पौड़ी व परिक्रमा मार्ग में भगवान वराह के जयकारे गूंज रहे थे। के कदम आस्था के पथ पर बढ़ते रहे। ढोल, ढप, मंजीरे बजाते भक्त वराह संकीर्तन करते हुए भक्ति में लीन नजर आए। हरि की पौड़ी के वराह घाट पर बने वराह मंदिर से परिक्रमा प्रात: 9 बजे शुरू हुई। परिक्रमा के शुभारंभ के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु वराह मंदिर पर पहुंचे। जहां भगवान वराह का पूजन किया। और भगवान वराह की जय-जयकार करते हुए परिक्रमा के लिए निकल पड़े। परिक्रमा करने के लिए गृह क्षेत्र के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली व अन्य प्रांतों के श्रद्धालु भी टोलियों के साथ पहुंचे। तमाम श्रद्धालु अपने अपने ईष्ट देव को परिक्रमा कराने के लिए टोकरी के साथ आए थे। भजन संकीर्तन करते हुए। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धा और भक्ति के साथ बढ़ते रहे। विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे साधु-संतों ने भी परिक्रमा में हिस्सा लिया और भगवान वराह का जप करते हुए परिक्रमा लगाई। सुबह से शुरू हुई परिक्रमा शाम तक चलती रही। आयोजन से जुड़े संगठनों ने लगभग पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया। हर-हर गंगे और भगवान वराह के जयकारे लगाते हुए हाथों में धर्म ध्वजा लिए श्रद्धालु हरि की पौड़ी गंगा में स्नान व वराह भगवान दर्शन के बाद पंचकोसी परिक्रमा में सम्मिलित हुए। इससे पूर्व भगवान वराह के धाम में वराह भक्तों के आने का सिलसिला एक दिन पूर्व मंगलवार से ही शुरू हो गया था।