बेहतर स्वास्थ्य के लिए चढ़ाए करवा
मार्कंडेय मंदिर से पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर एक वट वृक्ष है। मान्यता है कि यहां वट वृक्ष पर अनाज से भरकर करवा चढ़ाने से घर में बीमारियां नहीं आती हैं। मेले में आने वाले भक्त धर में जितने सदस्य हैं उनके हिसाब से यहां करवा भरकर चढ़ाते हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन रहा तैनात
मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि पर एक पखवाड़े तक चलने वाले मेले में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की तैनाती रही। पुलिस प्रशासन मुख्य मंदिर के साथ ही मेले में भी भ्रमण करता दिखाई दिया। मुख्य मंदिर पर पहुंचने वाले लोगों को भीड़ न करने की चेतावनी दी गई।
मंदिर पर रंगाई-पुताई न होने से लोग दिखे नाराज
महर्षि मार्कंडेय पर लाखों रुपये चढ़ाया जाता है। लेकिन यहां मेले के समय में भी प्रशासन की ओर से मुख्य मंदिर पर भी रंगाई पुताई नहीं कराई गई। जिससे यहां पहुंचे भक्तों में नाराजगी दिखी। एसडीएम नवोदिता शर्मा ने दो दिन पहले ग्राम प्रधान को रंगाई-पुताई के लिए कहा था लेकिन इसके बाद भी मंदिर पर रंगाई-पुताई नहीं कराई जा सकी।
चंद्र ग्रहण पर भारी पड़ी आस्था
चंद्र ग्रहण के चलते मंगलवार की सुबह 7:23 बजे से सूतक शुरू हो गए थे। लेकिन महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि पर सूतक का कोई असर नहीं दिखा। यहां सूतक के बीच भी लोग स्नान ध्यान के साथ पूजा अर्चना करते रहे। महर्षि के मुख्य मंदिर पर पूरे दिन हजारो की संख्या में पहुंचे लोगों ने पूजा अर्चना की।