केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने एक बार फिर सपा और बसपा को आड़े हाथों लिया है। कहा है कि सपा के सरकार में दलित सुरक्षित नहीं हैं। वहीं, बसपा दलितों को सिर्फ वोट बैंक के लिए प्रयोग कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 18 मार्च को कलेक्ट्रेट पर होने वाले महाघेराव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।
विहिप नेता अरुण माहौर हत्याकांड के विरोध में 18 मार्च को कलेक्ट्रेट के महाघेराव के लिए कठेरिया ने भी कमान संभाल ली है। रविवार को खंदारी स्थित अपने आवास में बैठक कर प्रदर्शन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में यदि शामिल होने की जरूरत पड़ी तो वे खुद प्रोटोकॉल तोड़ेंगे। उन्होंने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दिनों गोलियों से भूने गए विश्वविद्यालय कर्मचारी सतेंद्र कुमार और विहिप नेता अरुण माहौर भी दलित थे। मगर, बसपा सुप्रीमो मायावती अब तक इनके परिजनों से मिलने नहीं पहुंचीं। भाजपा ब्रजक्षेत्र कोषाध्यक्ष नवीन जैन ने कहा कि 18 मार्च को होने वाले प्रदर्शन से वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में सफलता का रास्ता तय होगा। महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद गामा दुबे ने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता पर आंच नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन लगातार हम पर दबाव बना रहा है, लेकिन भाजपा आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। बैठक में जिलाध्यक्ष अशोक राना, पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, अनिल चौधरी, अशोक कोटिया, विजय माहौर, कैप्टन केशव देव प्रजापति, अर्जुन सिंह लोधी, संदीप उपाध्याय, शरद चौहान, भरत शर्मा आदि मौजूद थे।
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प्रशासन आजमा रहा दबाव के दांव
18 मार्च को कलेक्ट्रेट के ‘महाघेराव’ को स्थगित कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी दांवपेंच शुरू कर दिए हैं। इसके तहत उन नेताओं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है जो पिछले दिनों जयपुर हाउस में हुई श्रद्धांजलि सभा में भड़काऊ भाषण देने और अन्य प्रदर्शनों में उपस्थित थे। पुलिस ने इन मामलों में कुछ नामजद लोगों के साथ-साथ तमाम अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे पहले ही दर्ज कर रखे हैं। ऐसे में इन कार्यक्रमों के फोटो या वीडियो दिखाकर ऐसे नेताओं से महाघेराव स्थगित करने को कहा जा रहा है।