सोरोंजी (कासगंज)। मोक्षदा एकादशी पर मार्गशीर्ष अमृत कुंभ में शनिवार को श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गंगा के घाटों पर भोर से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला भक्ति के कई पड़ावों से गुजरा। भक्तों ने भगवान वराह के दर्शन कर आशीष मांगा। मां गंगा की पूजा, अर्चना की। पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। मेले का लुत्फ भी उठाया।
देर शाम तक वराह घाट, लाल घाट, सोमेश्वर घाट, लक्ष्मणजी घाट, रघुनाथजी घाट, तुलसी घाट, मानस मंदिर घाट, छावनी घाट, नगालैंड घाट, श्याम वराह घाट, पांच छतरी घाट, बालाजी घाट, बरी वाला घाट, शंकरजी पुल घाट, भैरों मंदिर घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की आरती उतारकर दूध चढ़ाया। स्नान के बाद हरिपदी की परिक्रमा की। वराह मंदिर में दर्शन कर आरती उतारी। प्रसाद चढ़ाया। श्याम वराह, सोमेश्वर, बालाजी, सिद्ध हनुमान, पंच महाशक्ति, द्वारिकाधीश, अन्नपूर्णा, सिद्ध विनायक, बटुकनाथ, योगेश्वर, रघुनाथजी मंदिरों में भी पूजा के लिए भीड़ रही।
गंगा स्नान, वराह दर्शन के बाद भक्त परिक्रमा मार्ग पहुंचे। वराह मंदिर से सूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा की। पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर हरिनाम का संकीर्तन करते हुए पंचकोसी परिक्रमा समिति की संयोजिका महारानी गुप्ता के नेतृत्व में परिक्रमा निकाली गई। मार्ग के पौराणिक व दिव्य मंदिर योगेश्वर, सूर्यकुंड, सीतारामजी, चंद्रकूप, बटुकनाथ होते हुए यात्रा का पहला पड़ाव 84 घंटे वाले मंदिर पर हुआ। यहां धर्म प्रेमियों ने श्रद्धालुओं को जलपान कराया। इसके बाद यात्रा बाछरू मंदिर, राम छितौनी मंदिर, सीता रसोई होती हुई सिगनल वाले बाबा के मंदिर दूसरे पड़ाव पर पहुंची। यहां भी जलपान की व्यवस्था की गई। यहां से यात्रा भागीरथी गुफा, करूआ देव मंदिर, सर्वसिद्ध गणेश मंदिर, महाप्रभु बल्लभाचार्य की बैठक होती हुई वापस वराह मंदिर पहुंची। इस अवसर पर नरेश त्रिगुणायत, मोहित दुबे, सिद्धांत चौधरी, शांत कुमार माहेश्वरी, सौरभ गुप्ता, गौरीश बाबू, अंकुर पाराशर, जितेंद्र गुप्ता आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
सुबह मंगला आरती में उमड़े श्रद्धालु
सुबह 5 बजे भगवान वराह की मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। श्रद्धालु अमृत पर्व पर सुबह 4 बजे ही वराह घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंच गए थे।
संकीर्तन कर निकाली गई प्रभात फेरी
भगवान वराह की मंगला आरती के बाद ब्राह्मण कल्याण सभा की ओर से हरिपदी परिक्रमा मार्ग पर प्रभात फेरी निकाली गई। इस्कॉन कीर्तन मंडली ने भी प्रभात फेरी निकाली। कमलनयन वशिष्ठ, उपेंद्र तिवारी, राजीव तिवारी, गणेश बरबारिया, लालो चरौरे, प्रमोद तिवारी, ऋषभ चौधरी आदि श्रद्धालु ढोलक-मजीरे पर संकीर्तन करते हुए हरि की पौड़ी की परिक्रमा कर रहे थे।
श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी- सब्जी व चाय का प्रबंध कराया
मानस मंदिर, महेश दयानंद सोहम आश्रम, स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम, वंशी वाले बाबा आश्रम, टाटिया बाबा आश्रम, भूदत्त आश्रम, ब्रह्मानंद सोहम आश्रम आदि में धार्मिक प्रवचन व अन्न क्षेत्र के कार्यक्रम हुए। व्यापारियों ने बाजार में कई जगह श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी- सब्जी व चाय का प्रबंध कराया। रामेश्वर दयाल महेरे, गिर्राज किशोर अग्रवाल सराफ, योगेश सोनी, विक्की पसनावत, अभिषेक सोनी, रवि पंवार आदि उपस्थित रहे।
किसी ने खरीदी लाठी तो किसी ने सिल और बटना
30 नवंबर के बाद से मेले में आए दुकानदारों और खेल तमाशे वालों को एकादशी का बेसब्री से इंतजार था। शनिवार को श्रद्धालुओं के पहुंचने से मेला परिसर गुलजार हो गया। बच्चों ने खेल तमाशे का लुत्फ उठाया। खिलौने खरीदे। महिलाओं ने गृहस्थी का सामान खरीदा। हाथरस से आए बुजुर्ग तोताराम और पूरन सिंह ने बताया कि मेले में अच्छी क्वालिटी की लाठी मिलती है। इससे यहां से खरीद रहे हैं। सर्कस, मौत के कुएं में कलाकारों के रोमांचक करतबों से बच्चे और बड़े खुश नजर आए। बक्सों, कुटिया, पत्थर के सिल-बटना, लकड़ी की रई, ढोलक, कंबल, कालीन की भी खूब बिक्री हुई। मार्गशीर्ष मेले का फल नारंगी और खाजला की भी खूब बिक्री हुई।