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Agra News: प्रसूता की मौत पर अस्पताल में हंगामा, शव मिलने पर रोड किया जाम,आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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कासगंज में प्रसूता की मौत के बाद सोरोंगेट पर जाम में फंसे वाहन । - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अशोक नगर के बाहर संचालित अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। सामान्य हालत में प्रसव के लिए भर्ती हुई महिला की मौत की सूचना से परिवार के लोग आक्रोशित हो उठे। बुधवार देर रात इन्हाेंने अस्पताल में हंगामा किया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद बरेली मार्ग के सोरों गेट चौकी के सामने तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। यह सड़क पर बैठ गए। इससे बरेली की ओर आने जाने वाला ट्रैफिक रुक गया। वाहनों की कतारें लग गईं। करीब 40 मिनट तक जाम लगा रहा। एएसपी जितेंद्र दुबे और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद जाम खुल सका।
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सुमन पत्नी तेजपाल निवासी नगला बीच, सहावर गेट की बुधवार रात मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रात के समय प्रसव पीड़ा होने पर इसकी जानकारी आशा को दी थी। आशा कार्यकर्ता निशा ने सुमन को सर्वोदय अस्पताल अशोक नगर में भर्ती कराया। प्रसव पीड़ा तेज होने पर सुमन को प्रसव के लिए ले जाया गया। यहां सुमन ने बेटे को जन्म दिया। अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही फीस जमा कराई गई। सामान्य प्रसव का भरोसा दिया गया। प्रसव के बाद हालत बिगड़ने लगी। अत्यधिक रक्तस्राव होने पर चिकित्सकों ने परिजनों को खून की जरूरत बताई। परिजनों ने खून उपलब्ध करा दिया। इसके बाद दोबारा रुपये जमा कराए गए। सुमन को खून चढ़ाना शुरू कर दिया गया। हालत में सुधार नहीं हुआ। पति के सुमन को देखने के लिए कहने पर रोक दिया गया। इसके बाद भी तेजपाल अंदर चले गए। बताया गया कि उस वक्त तक सुमन की मौत हो चुकी थी।
तेजपाल ने पत्नी की मौत की जानकारी परिजनों को दी। इस पर लोग आक्रोशित होने लगे। इन्हाेंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। शीशे तोड़ दिए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पति ने अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ तहरीर दी। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद सायं के समय परिजनों को शव मिला। परिजन लोडर से शव लेकर बरेली मार्ग के सोरों गेट पुलिस चौकी तिराहे पर पहुंचे। यहां जाम लगा दिया। इस दौरान आक्रोशित लोग सड़क पर बैठ गए।
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एएसपी जितेंद्र दुबे, सीओ सदर अजीत चौहान, तहसीलदार अजय कुमार, इंस्पेक्टर वीरेंद्र प्रताप गिरी मौके पर पहुंचे। इन्होंने आक्रोशित लोगों से वार्ता की। यह चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी, आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजे की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया। तब 40 मिनट बाद जाम खुल सका। लापरवाही के आरोपी चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र यादव, महिमा जैन, डॉ. निखिल कुमार, डॉ. एनके अग्रवाल व अस्पताल के अन्य कर्मियों के खिलाफ तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
पुलिस ने रूट किया डायवर्ट
सोरों गेट तिराहे पर जाम लगते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने अमांपुर रोड तिराहे से रूट डायवर्ट कर दिया। वहीं नदरई से भी रूट को डायवर्ट किया गया। रूट डायवर्जन के कारण अन्य रूटों से वाहन निकल पाए।
नवजात को निजी अस्पताल में कराया भर्ती
प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल पर हंगामे के हालात थे। इस दौरान चिकित्सक और चिकित्सालय के कर्मी भाग गए। अस्पताल में नवजात शिशु था। ऐसी स्थिति में मौके पर पहुंचे सीएमओ और पुलिस ने नवजात को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इससे कि उसकी देखभाल हो सके।
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