फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठंडक के साथ बढ़ा निमोनिया का खतरा, बच्चों को ठंड से बचाकर रखें, पूरी आस्तीन के गरम कपड़े पहनाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। मौसम में ठंडक के साथ ही बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। अभिभावकों को बच्चों को पीसीवी वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवध किशोर प्रसाद का कहना है कि निमोनिया संक्रामक बीमारी है। इसका खतरा पांच वर्ष से कम आयु के कुपोषित बच्चों में अधिक रहता है। शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए बच्चों को निमोनिया से बचाना जरूरी है। दुनिया भर में 15 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु निमोनिया की वजह से होती है। जिले में अभी असर काफी कम है। अक्तूबर से अब तक एक बच्चा ही निमोनिया से पीड़ित होकर अस्पताल आया है। मौसम को देखते हुए सावधानी आवश्यक है।
एसीएमओ व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी जोशी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में बच्चों को निमोनिया की आशंका अधिक रहती है। बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। पूरी आस्तीन के गरम कपड़े पहनाएं। सिर और पैर ढककर रखें। ठंडी चीजों के सेवन से बचाएं। 6 माह तक के शिशुओं को सिर्फ स्तनपान कराएं। उससेे बड़े बच्चों को पर्याप्त पोषण दें। निमोनिया के लक्षण मिलने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
विज्ञापन

बचाव के लिए टीका जरूर लगवाएं
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अंजुश सिंह ने बताया कि निमोनिया से बचाव के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों व हर बुधवार व शनिवार को टीकाकरण किया जाता है। बच्चे को निमोनिया से बचाने के लिए पीसीवी का टीका जरूर लगवाएं। पीसीवी वैक्सीन डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह पर लगाई जाती है।
विज्ञापन

ये हैं लक्षण
कंपकंपी के साथ बुखार आना।
सीने में दर्द या बेचैनी होना।
उल्टी आना।
सांस लेने में दिक्कत होना।
गाढ़े भूरे बलगम के साथ तीव्र खांसी या खांसी में खून आना।
भूख न लगना।
कमजोरी महसूस होना।
होठों में नीलापन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें