कासगंज। नगर निकाय चुनाव में आरक्षण निर्धारण के लिए इस बार रैपिड सर्वे नहीं होगा। 2017 के डाटा से ही आरक्षण तय होगा। चुनाव को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। निकायों में पुराना रिकार्ड खंगाला जा रहा है। इसे शासन को भेजा जाएगा।
कोरोना के चलते नई जनगणना नहीं हो सकी है। 10 सालों में जिले की जनसंख्या में लगभग 6 लाख का इजाफा होने का अनुमान है। निकाय के चुनाव में पिछड़ी जाति व अनुसूचित जाति एवं महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण होता है। चुनाव से पहले रैपिड सर्वे कराया जाता है। इससे कि पिछड़ी और अनुसूचित जाति का आंकड़ा सामने आ सके। इसी के मुताबिक उनके लिए सीटें आरक्षित की जा सकें। वर्ष 2017 में हुए निकाय चुनाव के दौरान सर्वे कराया गया था।
इस बार आरक्षण निर्धारित करने के लिए रैपिड सर्वे उन्हीं निकायों में होगा, जिनमें ग्राम पंचायतों को शामिल कर नए वार्ड बनाए गए हैं। जिले में किसी भी निकाय में ग्राम पंचायतों को शामिल नहीं किया गया है। इससे जिले के निकायों में वर्ष 2017 के चुनाव में कराए गए सर्वे के आधार पर ही आरक्षण निर्धारित होगा। शासन के निर्देशों को देखते हुए निकायों में इस कार्य को तेजी से निपटाया जा रहा है। कुछ निकायों में काम पूरा भी हो चुका है।
निकायों का आरक्षण वर्ष 2017 के सर्वे के आधार पर किया जाएगा। पुराने रिकार्ड को संग्रहित करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसे शासन को भेजने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। -धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका कासगंज।