सोरोंजी। मोहल्ला योगमार्ग निवासी युवक की उपचार के दौरान अलीगढ़ में मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मृतक फेरी लगाने का कार्य करता था।
मोहल्ला याेगमार्ग निवासी दुर्गेश ग्रामीण क्षेत्रों में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते थे। उनके भाई रामदास ने बताया कि गांव बहजोई चिंतनुपर निवासी हसरत अली और उनके दो व शाहिद से उनकी मित्रता हो गई। 21 मार्च को तीनों लोग फेरी लगाने की कहकर दुर्गेश को उनके घर से बुलाकर ले गए। 11 जून को इशरत अली ने दुर्गेश के भाई रामदास को फोन किया। बताया कि दुर्गेश गंभीर अवस्था में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। रामदास का आरोप है कि जब वह अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो तीनों लोग उसे देखकर मौके से भाग गए। दुर्गेश के सिर व हाथों में गंभीर चोट के निशान थे। 17 जून को दुर्गेश की उपचार के दौरान अलीगढ़ में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसका शव बुधवार की देर शाम घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया। सोरोंजी कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि युवक राजस्थान के उदयपुर में सड़क हादसे में घायल हुआ था। संवाद