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Agra News: नरौरा से और कम हो 12 हजार क्यूसेक पानी

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कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव का क्रम जारी है, लेकिन नरौरा बैराज से आने वाले पानी में 12 हजार क्यूसेक की कमी आई है। इससे प्रभावित इलाकों में और राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से सुबह 8 बजे के मुकाबले सायं 4 बजे तक पानी का दबाव बढ़ गया। हरिद्वार से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी का दबाव बढ़ा तो बिजनौर से करीब 7 हजार क्यूसेक पानी का दबाव बढ़ा है।12 दिनों से गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है। बाढ़ से जिले में 60 गांव प्रभावित हुए और सबसे ज्यादा क्षति फसलों को हुई है। इतने दिन बाढ़ का प्रभाव रहने के कारण खेतों में पानी में डूबी फसलें गल गईं। किसान इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं और परेशान हैं। ग्रामीण लगातार फसलों के मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। नरौरा बैराज से सुबह 8 बजे 1.14 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह चल रहा था। यह प्रवाह 24 घंटे पूर्व 1.26 लाख क्यूसेक का था। 12 हजार क्यूसेक पानी कम होने से अब प्रभावित इलाकों में और पानी की निकासी होगी। जैसे जैसे गंगा में पानी कम होता जा रहा है वैसे वैसे खेतों से पानी की निकासी धीमे धीमे शुरू हो रही है। जिन फसलों में 3 फुट तक पानी भरा हुआ था उन फसलों में अब 2 फुट पानी रह गया है। ग्रामीणों का मानना है गंगा में पानी कम होगा तो खेतों से भी पानी कम हो जाएगा। वहीं किसान इस बात से चिंतित हैं कि कहीं फिर से बारिश का प्रकोप न हो जाए। क्योंकि बारिश होने पर दोहरी मार किसानों पर पड़ेगी। एक तो फसलों में बारिश का पानी भरेगा वहीं गंगा में भी पानी का प्रवाह बारिश के बाद बढ़ सकता है। भगवंत नगला के मोहन सिंह ने बताया कि मूंगफली, मक्का, बाजरा आदि की फसलें मारी गईं हैं। किसानों ने मुआवजा की सरकार से मांग उठाई है।
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बैराजों से छोड़ा गया पानी-
हरिद्वार- 138846 क्यूसेक।
बिजनौर- 72996 क्यूसेक।
नरौरा- 114809 क्यूसेक।
कछला ब्रिज- 163.75 मीटर के निशान पर।

वर्जन-
- गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। सोमवार को पानी का दबाव कम हुआ है। अभी जलस्तर और कम होगा। बांध की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।
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