फोटो03कासगंज के उप कृषि निदेशक कार्यालय का फोटो। संवाद
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कासगंज। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। शासन स्तर से जिले में 2.37 लाख लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि जिले में 4790 किसान दंपती योजना का लाभ ले रहे हैं। इन किसानों की अगली किस्त पर रोक लगा दी गई है। शासन स्तर से फर्जी लाभार्थियों की सूची मिलने के बाद कृषि विभाग ने इन से वसूली की तैयार कर ली है।केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरु की। इस योजना के तहत एक वर्ष में तीन किस्तों में छह हजार रुपये किसानों के खाते में भेजे जाते हैं। इस योजना के तहत पति-पत्नी में से एक ही सदस्य को लाभ देने का प्रावधान है। सरकार ने अगस्त माह में किसानों को 20वीं किस्त उनके खाते में भेजी गई है। जिले में करीब 2,37,269 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इनमें 4790 किसान दंपती भी शामिल हैं, यानी पति और पत्नी दोनों ही किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। शासन स्तर से कराए गए सत्यापन में ऐसे दंपती को चिन्हित किया गया है। इनकी सूची शासन ने कृषि विभाग को भेजी है। अब विभाग इन लोगों से खाते में भेजी गई सम्मान निधि की धनराशि को वसूलने की तैयारी कर रहा है। शासन से निर्देश मिलने के बाद सम्मान निधि की रिकवरी की जाएगी। उपकृषि निदेशक महेंद्र सिंह का कहना है कि पति-पत्नी में से एक व्यक्ति को किसान सम्मान निधि देने का प्रावधान है। यह कार्रवाई पारदर्शिता और योजना के सही क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है। ताजा सत्यापन में 4790 किसान दंपती द्वारा इस योजना के तहत लाभ लिए जाने की बात खुलकर आई है। शा
सन से निर्देश प्राप्त होते ही विभाग संबंधित लाभार्थियों से रकम वसूलने की प्रक्रिया शुरू करेगा। ये हैं पात्र
-2 हेक्टेयर तक खेती भूमि वाले छोटे व सीमांत किसान
-जिन किसानों के परिवार के लोग सरकारी नौकरी में न हो
-ऐसे किसान जो टैक्स न भरते हो
-परिवार में एक ही सदस्य को मिलता है लाभ