बिछवां। करीमगंज टीले पर प्राचीन निधियां मिलने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को टीले से बच्चों को दो लाल और सफेद रंग के मोती मिले। बच्चे इन्हें लेकर जा रहे थे तभी ग्रामीणों की नजर पड़ गई। दोनों मोती सुरक्षित रखवा दिए गए हैं।
करीमगंज टीले का इतिहास नौवीं सदी का होने के प्रमाण मिलते हैं। बीते कुछ दिनों से टीले से मिलने वाले मोती और पत्थर इसकी प्रमाणिकता सिद्घ करने लगे हैं। कई बार बच्चों को प्राचीन पत्थर मिले लेकिन बच्चों ने इन्हें बेच दिया। बुधवार को प्रशासन ने गमा देवी मंदिर में रखी मूर्तियां थाने में रखवा दिए थे।
शुक्रवार को बच्चे टीले पर पहुंचे। दो बच्चों को दो मोती मिले। एक लाल रंग का और दूसरा सफेद रंग का है। बच्चे इन मोतियों को लेकर जा रहे थे तभी एक ग्रामीण ने उन्हें रास्ते में रोककर दोनों मोतियों को सुरक्षित रखवा दिया है। अब ग्रामीणों को पुरातत्व विभाग की टीम का इंतजार है।गमा देवी मंदिर में ग्रामीणों ने एक काली माता की मूर्ति लाकर रखी है। इसकी जल्द ही प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, ताकि पूजा पाठ शुरू हो सके। गमा देवी मंदिर में रखी देवी देवाताओं की मूर्ति को प्रशासन ने दो दिन पहले थाना बिछवां के मालखाने में रखवा दिया था। इसके बाद से ही मंदिर में पूजा पाठ बंद है।