कासगंज। कन्या भ्रूण हत्या रोकने एवं गरीब परिवार की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए चलाई जा रही कन्या सुमंगला योजना का लाभ पाने के लिए 2363 अपात्र भी लाइन में लग गए। जांच के बाद इन अपात्रों को योजना से बाहर कर दिया गया है।
शासन ने एक अप्रैल 2019 में कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ किया ताकि गरीब परिवारों की बेटियां पढ़ लिखकर होशियार बन सकें, लेकिन जिले में तमाम परिवार ऐसे हैं जिनकी नजर गरीबों की योजनाओं पर लगी रहती है।
योजना शुरू होने के बाद से अब तक के साढ़े तीन साल में 17487 आवेदन किए गए। आवेदनों की जांच में 14718 आवेदक पात्र पाए गए। अब तक 2363 आवेदक अपात्र पाए जा चुके हैं। अभी 406 आवेदनों की जांच चल रही है, जिससे अपात्रों की संख्या बढ़ भी सकती है।
इस तरह मिलता है योजना का लाभ
बालिका के जन्म पर 2000 रुपये
एक वर्ष के संपूर्ण टीकाकरण पर 1000 रुपये
कक्षा एक में प्रवेश पर 2000 रुपये
कक्षा 6 में प्रवेश पर 2000 रुपये
कक्षा 9 में प्रवेश पर 3000 रुपये
कक्षा 12 उत्तीर्ण होने के बाद आगामी कक्षा में प्रवेश पर 5000 रुपये दिए जाते हैं
यह हैं योजना के पात्र आवेदक
उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो
आवेदक के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक हो
योजना का लाभ अधिकतम एक परिवार की दो लड़कियां ही उठा सकती हैं।
यदि किसी परिवार ने अनाथ बच्चियों को गोद लिया है तो अधिकतम गोद ली हुई दो लड़कियां इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। इसी परिवार की दो अन्य लड़कियां भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
यदि किसी महिला की जुड़वा बेटियां हैं तो उन जुड़वा बेटियों को भी इस योजना का अलग-अलग लाभ मिलेगा। इस स्थिति में एक परिवार की तीन बेटियां लाभ उठा सकती हैं।