कासगंज। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पिछले सप्ताह से करीब 2 गुना श्रद्धालु, घाटों पर पहुंचे। रविवार देर रात तक लहरा गंगाघाट पर कांवड़ भरकर गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। लहरा गंगाघाट पर कांवड़ियों का ऐसा हुजूम था कि पूरा घाट श्रद्धालुओं से पटा नजर आ रहा था। रात में ड्रोन कैमरे से लहरा गंगाघाट पर पूरी निगरानी की गई। श्रावण मास में इतनी बड़ी संख्या में रविवार को कांवड़िये उमड़े। विश्वास की कांवड में श्रद्धा का गंगाजल लिए श्रद्धालुओं पूरी रात घाटों से रवाना होते रहे। हालांकि कांवड़ियों की संख्या में शुक्रवार रात से ही इजाफा होने लगा था, लेकिन रविवार को कांवड़ियों की भीड़ देखकर ऐसा लगा रहा था जैसे जनसैलाब उमड़ पड़ा हो। रविवार की रात लहरा गंगाघाट पर विहंगम दृश्य नजर आया। रात के समय में जितने कांवड़ियों की टोलियां कांवड़ भरकर निकल रहीं थीं, उतनी ही कांवड़ियों की टोलिया कांवड़ भरने पहुंच रही थीं। रात के समय डाक कांवड़ियों की जबरदस्त भीड़ रही। डाक कांवड़ के हर जत्थे में 12 से 15 श्रद्धालु मौजूद थे। 100 किलोमीटर दायरे में आने वाले शहर व कस्बों के यह श्रद्धालु थे। आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा जनपदों लोग अधिक थे। सुबह 6 बजे तक डाक कांवड़ियों की टोलियां निकलती रहीं। रात में कासगंज-सोरोंजी मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ का इतना दबाव हो गया कि पुलिस अधिकारियों को बार-बार लग रहे जाम को खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। एएसपी राजेश भारती, सीओ आंचल चौहान स्वयं जाम खुलवाने में जुटी नजर आईं।