मामला थाना उत्तर क्षेत्र के हनुमान रोड स्थित गुप्ता कचौड़ी व समोसा विक्रेता से जुड़ा है। शहर में करीब 50 साल से कचौड़ी-समोसा की बिक्री करते आ रहे विक्रेता सुखदेव गुप्ता ने चंद साल पहले काफी तरक्की कर ली थी। बताया जा रहा है कि थाना उत्तर क्षेत्र में ही उनकी लाखों की कीमत की भूसंपत्ति हैं। एक पखवाड़े पूर्व कचौड़ी विक्रेता परिवार सहित लापता हो गया है। घर और दुकान में ताले लटके हुए हैं।
कचौड़ी विक्रेता के साथ ही उसके दो पुत्र व एक भाई का मोबाइल फोन भी बंद है। ऐसे में परिवार को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शहर में चल रही हैं। इस चर्चा का बड़ा कारण शहर के हजारों वह लोग हैं, जिनकी सुबह के नाश्ते की शुरुआत कचौड़ी से होती थी। करीब एक पखवाड़े से दुकान बंद होने के कारण हजारों लोगों को गुप्ता कचौड़ी का स्वाद नहीं मिल पा रहा है। हर कोई गुप्ता कचौड़ी की दुकान बंद होने का कारण जानना चाहता है, कुछ लोग जल्द दुकान खुलने की बात भी करते नजर आ रहे हैं।
घर का जंगला खुला दिखा तो पहुंच गए लोग
थाना उत्तर क्षेत्र के ओझानगर स्थित आवास का जंगला एक दिन खुल देखा तो लोगों को लगा कि शायद वह वापस आ गए हैं। इस कारण उसके आवास पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई थी। तत्काल मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। थाना पुलिस ने मकान के अंदर चोरी होने की आशंका पर जांच पड़ताल की। जंगला को बंद कराने के साथ उसमें ताले डाल दिए गए, जिससे चोरी की घटना नहीं होने पाए।
कई हलवाई दुकान खोलने की फिराक में
प्रमुख कचौरी एवं समोसा विक्रेता गायब होने के बाद उसी क्षेत्र में नई कचौड़ी एवं समोसा की दुकान खोलने की तैयारी लोग करने में जुट गए हैं। इसके लिए गुप्ता कचौड़ी वालों के यहां काम करने वाले कारीगरों को तलाशा जा रहा है, जिससे उसी तरह का स्वाद कचौड़ी में आ सके। एक कचौड़ी की दुकान खुल भी गई है।