कासगंज। जन्माष्टमी पर्व पर बृहस्पतिवार को योग एवं नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है। कान्हा का जन्म सिद्ध योग एवं मृगशिरा नक्षत्र में होगा। इसके साथ ही पर्व के दिन बज्र योग एवं रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। जिसे ज्योतिष काफी शुभ मान रहे हैं।
ज्योतिषाचार्यों की तो जन्माष्टमी पर्व रात 10 बजकर एक मिनट तक ब्रज योग का संयोग बन रहा है। इसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा। कान्हा का जन्म मध्यरात्रि के समय हुआ, जिससे उनके जन्म के समय सिद्ध योग रहेगा। इस योग में जन्म लेना काफी शुभ माना जाता है। जन्माष्टमी के दिन सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा, उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लग जाएगा। मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल होता है। जो व्यक्ति मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लेते हैं, उन पर मंगल का प्रभाव देखा जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति आकर्षक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। ज्योतिषाचार्य मुकुद बल्लभ भट्ट कहते हैंं कि भगवान कृष्ण का जन्म वैसे तो रोहिणी नक्षत्र में हुआ, लेकिन यह नक्षत्र सुबह 10.25 बजे तक रहेगा। जिस समय कान्हा का जन्म हुआ उस समय मृगशिरा नक्षत्र होगा।