आय, जाति, निवास व हैसियत प्रमाणपत्रों के लिए शुरू हुई ऑनलाइन सुविधा पिछले 27 दिनों बंद होने के कारण 35 हजार आवेदन लटक गए हैं। जिले में 1200 से ज्यादा जन सुविधा केंद्र बंद पड़े हैं हैं। सॉफ्टवेयर नहीं चलने से कारण यह दिक्कत आई है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि एक और सेवा प्रदाता कंपनी आई है। उसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है।
सदर तहसील में जन सुविधा केन्द्र संचालक योगेश कुमार ने बताया पहले एक सेवा प्रदाता कंपनी थी अब दो कंपनी काम करेंगी। सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है। 12 नवंबर से सभी केन्द्रों पर सॉफ्टवेयर बंद है। नए प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं चढ़ रहे बल्कि उन्हें मैनुअल जमा किया जा रहा है। स्कैन कर दस्तावेज सॉफ्टवेयर शुरू होने के इंतजार में रखे हैं।
10 बार लगा चुका हूं चक्कर
मैंने हैसियत प्रमाणपत्र के लिए 28 अक्तूबर को ऑनलाइन आवेदन किया था। फिर सॉफ्टवेयर बंद हो गया। 10 बार चक्कर लगा चुका हूं प्रमाण पत्र नहीं मिला। - गोपाल सिंह, बोदला सराय
नहीं बन पा रहा राशन कार्ड
मैंने राशन कार्ड के लिए आय प्रमाणपत्र बनवाया था। ऑनलाइन फॉर्म भरा था। एक महीने से फॉर्म का पता नहीं चल रहा। रोज अगले हफ्ते की कहकर भगा देते हैं। - सरला देवी, घास की मंडी
मैनुअल व्यवस्था शुरू हो
जब तक ऑनलाइन सेवा नहीं चल रही, मैनुअल प्रमाणपत्र बनाए जाएं। आवेदकों को परेशानी हो रही है। कोई अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं होता। - लाल बहादुर राजपूत, सचिव, तहसील बार एसोसिएशन
जल्द दूर होगी दिक्कत
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सिद्धार्थ कुमार ने कहा कि कुछ दिनोें से दिक्कत आई है लेकिन यह जल्द दूर होगी।1200 सुविधा केंद्रों में 200 से अधिक को नए आईडी-पासवार्ड मिल गए हैं। बाकी अन्य को एक सप्ताह में मिल जाएंगे। पांच साल में एक बार सॉफ्टवेयर अपडेट होता है।