कासगंज सोरोंजी में संत तुलसीदास के जन्मस्थान का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब चित्रकूट के जगद्गुरु रामभद्राचार्य का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा कि कामद परिक्रमा में नरहरि की गुफा है और यही स्थान सूकर क्षेत्र है। उन्हें सोशल मीडिया पर तीर्थ नगरी के लोग ट्रोल कर रहे हैं।
वहीं जगद्गुरु के वीडियो पर काशी के कैलाश पीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर जगद्गुरु को पौराणिक तथ्यों को अलग तरह से प्रस्तुत न करने की नसीहत दी है।
वीडियो में क्या बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य-
सोरों सोरों सोरों गोंडा मैं पुनि निज गुरु सन सुनी कथा सो सूकर खेत
कामद परिक्रमा में जहां नरहरि की गुफा है वहीं तुलसीदास ने राम कथा सुनी थी, वही सूकर खेत है आदि वराह वृहद मानव यहीं आया
क्या बोले महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषा नंद गिरी-
गजट ऑफ इंडिया में तुलसीदास को सोरों परगना अलीगंज का रहने वाला बताया गया, बाद में यहां से जाकर उन्होंने राजापुर बसाया। महामंडलेश्वर ने कहा कि जगद्गुरु ने नेवराह पुराण एवं स्कंद पुराण का उपहास उड़ाया है। वराह पुराण में लिखा हुआ है- यंत्र भागीरथी गंगा मम सौकरवे स्थिता, तत्र संस्था च में देवि हृदयतास रसातला अर्थात देवी पृथ्वी कहती हैं जहां रसातल से निकालकर आपने मुझे स्थापित किया वही मेरा सूकर क्षेत्र है वहीं भागीरथी गंगा बहती है।