कासगंज। अनियमित जीवनशैली व खानपान के कारण अब बच्चों व युवाओं में कम उम्र ही बाल झड़ने की समस्या आ रही है। राजकीय होम्योपैथी अस्पतालों में प्रति माह करीब एक हजार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। दवा के साथ-साथ चिकित्सक उन्हें आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह भी दे रहे हैं।वर्तमान में जीवन शैली में काफी बदलाव आ चुका है। युवा एवं बच्चों का खानपान काफी बदल गया है। उन्हें जंक फूड अधिक पसंद हैं। इसका प्रतिकूल असर उनकी सेहत पर पड़ता है। भोजन में पोषकता की कमी का असर बालों पर भी देखा जा रहा है। कम उम्र में बाल झड़ने की समस्या बढ़ी है। कुछ मामलों में स्थिति गंजेपन तक पहुंच रही है। होम्योपैथी उपचार इसमें प्रभावी माना जाता है। इस समस्या से पीड़ित करीब एक हजार लोग जिले में संचालित आठ राजकीय होम्योपैथी अस्पतालों में प्रति माह पहुंच रहे हैं। होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र कहते हैं कि हमारे बाल मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं। बालों को भी सही अनुपात में जिंक, मैग्नीशियम, आयरन जैसे खनिजों की भी आवश्यकता होती है। जंक फूड व असंतुलित भोजन से बालों को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इससे बाल झड़ने की समस्या बढ़ रही है। बारिश के मौसम में यह समस्या बढ़ जाती है। होम्योपैथी में बाल झड़ने से रोकने के लिए बेहतर इलाज है।