कासगंज। मौसम मे सर्दी की दस्तक के साथ ही दरियावगंज झील में मेहमान विदेशी पक्षी आने लगते हैं। इस बार भी मेहमान परिंदों की आमद शुरू हो चुकी है। उनका कोलाहल दिसंबर के अंत तक काफी बढ़ जाएगा। वन विभाग ने यहां आने वाले पर्यटकों को लुभाने के लिए 40 लाख रुपये की लागत की सौंदर्यीकरण की परियोजना तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। इस मंजूरी मिलते ही न सिर्फ झील के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण का कार्य होगा बल्कि पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। दरियावगंज झील को गोखुर के नाम से भी जाना जाता है। जिले का प्रांतीय स्तर पर चयनित आद्र क्षेत्र भी है। यह झील 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली हुई है। करीब 5 हेक्टेयर के बाहरी क्षेत्र में सौंदर्यीकरण का काम होगा। पूर्व में भी सौंदर्यीकरण का कार्य यहां किया जा चुका है, लेकिन अभी काफी कार्य बाकी होने के कारण दूसरा प्रस्ताव तैयार किया गया है। अफ्रीका, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड साइबेरिया के पक्षियों की आमद झील में होती। दिवाली के बाद ही मौसम सर्द होने लगता है। इसके साथ ही मेहमान परिंदे झील का रुख करने लगते हैं। उनकी अठखेलियां देखने के लिए पटियाली, राजा का रामपुर, भरगैन, अलीगंज, गंजडुंडवारा सहित आसपास क्षेत्रों के काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। वन विभाग हर वर्ष मेहमान परिंदों के झील में पहुंचने पर पक्षियों के संरक्षण के लिए रेंजर्स की तैनाती करते हैं। उनके द्वारा पक्षियों के संरक्षण का कार्य किया जाता है। कोई व्यक्ति पक्षियों का शिकार न कर सके इस पर भी निगाह रखी जाती है। नई प्रस्तावित योजना के मुताबिक पर्यटकों के बैठने के लिए पार्क विकसित होंगे। प्रसाधन की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पूरे क्षेत्र को सुंदर बनाने के लिए फेसिंग सहित अन्य कार्य किए जाएंगे।