मैनपुरी। समाज कल्याण विभाग ने आखिरकार फर्जीवाड़ा कर पेंशन लेने वाले दंपती से धनराशि की वसूली का आदेश जारी कर दिया है। मय ब्याज के उनसे पेंशन के रूप में मिली धनराशि वसूल की जाएगी। एक शिकायत पर हुई जांच में 44 साल के दंपती द्वारा वृद्धा पेंशन का लाभ लेने की पुष्टि हुई थी। मामले में विभाग ने केवल पेंशन बंद कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली थी। अमर उजाला ने वसूली न करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद ही जिम्मेदारों को वसूली की याद आई।
गांव त्रिलोकपुर निवासी शारदा देवी ने शिकायत की थी कि उनके गांव निवासी सुभाष चंद्र और पत्नी दीपमाला की उम्र 44 साल के करीब है। वे 10 सालों से समाज कल्याण विभाग से फर्जीवाड़ा कर वृद्धा पेंशन का लाभ ले रहे हैं। शिकायत के बाद एडीओ समाज कल्याण की जांच में इसकी पुष्टि भी हुई थी। विभाग ने केवल पेंशन रोककर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। शिकायत का भी पेंशन रोकने की आख्या लगाकर निस्तारण कर दिया है। अमर उजाला ने धनराशि की वसूली न किए जाने और कार्रवाई न किए जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने अपात्र दंपती से पेंशन की धनराशि की वसूली का आदेश जारी कर दिया है। मय ब्याज के ये धनराशि वसूल की जाएगी। इसके लिए दंपती को नोटिस जारी किया गया है।
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दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई अब भी नहीं
अमर उजाला द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद आखिरकार अपात्रों से पेंशन की धनराशि की वसूली करने का आदेश जारी हो गया है। लेकिन अपात्रों की पेंशन स्वीकृत करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई अब भी नहीं की गई है। अगर नियमानुसार कार्रवाई की जाती तो फर्जीवाड़ा कर वृद्धा पेंशन का लाभ लेने वाले दंपती पर भी एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए थी। इसके साथ ही दोषी कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जाती। लेकिन विभाग खुद को बचाने के लिए आधी-अधूरी कार्रवाई कर रहा है।
पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। रिकॉर्ड देखने के बाद तत्कालीन कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। - अशोक मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी